बलिया। पुलिस प्रशासन की ओर से जाम से निबटने के लिए की जा रहीं सारी कोशिशे बौनी साबित हो रही है। सोमवार को पूरे दिन पूरा शहर जाम से आगोश मे जकड़ा रहा। इसमें फंसे लोग घंटों गर्मी में कराहते रहे। आम वाहनों और यात्रियों के साथ ही मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी इसनमें फंसी रही। चौराहे और तिराहे पर पुलिस जाम को खउलवाने की नाकाम कोशिशें करती रहीं, कमोबेश शाम तक यही स्थिति बनी रही। एंबुलेंस की हूटरें गूंजती रहीं, लेन उन्हें भी जाम में रेंगना पड़ा।
प्रशासन कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन बलिया शहर को जाम से मुक्ति दिलाना उसके लिए नामूमकिन सा बनता जा रहा है। कुछ महीने पहले बलिया एसपी डॉ.विपिन ताडा ने ट्रैफिक पुलिस की कुछ टीम बनाने के साथ ही शहर में रूट डाइवर्जन कर जाम पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन न टीम का काम नजर आ रहा है और न ही रूट डाइवर्जन का फायदा। जाम से शहर की सड़कों का नजारा यहां के लिए पहचान बनता जा रहा है। अनलॉक में जाम की स्थिति मानों दो गुनी हो गई है। जगदीशपुर चौराहा, जिला अस्पताल रोड, ओवरब्रिज, एनच-31, सिंकदरपुर रोड, बांसडीह रोड सभी सोमवार को जाम झेलने को मजबूर दिखे। स्टेशन मालगोदाम रोड से होकर चित्तू पांडेय चौराहा से होते हुए बहेरी की हालत देख जाम का अंदाजा लगाया जा सकता था।