जिले के ऐतिहासिक ददरी मेला के विभिन्न कार्यों के लिए नगरपालिका परिषद में शुक्रवार को तीन बजे तक टेंडर फार्म डाले गए। जिसे नगर मजिस्ट्रेट की देखरेख में साढे़ तीन बजे खोला गया।
इसको लेकर नगरपालिका परिषद के सभागार में काफी गहमागहमी रही। टेंडरों की छानबीन देर शाम तक चलती रही। इनमंे कई प्रकार की अनियमितता रही इस वजह से नगर मजिस्ट्रेट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया।
सुबह दस बजे से नगर पालिका परिसर में रखे गए टेंडर बाक्स में अपराह्न तीन बजे तक कुल 83 टेंडर अलग-अलग फर्मों द्वारा डाला गया था। जिसे नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य एवं नगर पालिका के ईओ संतोष कुमार मिश्र की देखरेख में खुलवाया गया।
इस दौरान पुलिस की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। जिसमें एक-एक टेंडर का पढ़कर नगर मजिस्ट्रेट को पढ़कर सुनाया गया। कई ठेकेदारों ने मांगे गए रेट के विपरीत टेंडर डाला था।
टेंडरों में कई प्रकार की अनियमितता देखी गई। जिसके चलते कौन सा टेंडर किसको मिलेगा यह तय नहीं किया जा सका। नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य ने टेंडर पर निर्णय सुरक्षित रख लिया।