बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार न्यायाधीश रवि करण सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आठ अभियुक्तों के खिलाफ दोष सिद्ध पाया है। इसमें पांच अभियुक्त गण मंजी यादव उर्फ रंजीत, छोटक यादव, सुनील यादव, अनिल यादव, विनोद यादव को दस वर्ष की कठोर कारावास व पांच को अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थ दंड का भुगतान न किए जाने की स्थिति में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा। वहीं, तीन अभियुक्त गणों सोनू यादव, मनीष यादव उर्फ मनीष, सुंदरी देवी निवासी ग्राम भोपालापुर थाना रेवती को सात वर्ष का कठोर करावास व पांच का अर्थ दंड की सजा सुनाई, अर्थ दंड का भुगतान न किए जाने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वादी मुकदमा रविंद्र कुमार यादव निवासी भोलापुर थाना रेवती 30 नवंबर 2021 को लिखित सूचना दी कि मेरे ही गांव के मंजी यादव, सुनील यादव, विनोद यादव, अनिल यादव पुत्रगण राजाराम यादव तथा सुंदरी देवी पत्नी राजाराम यादव, सोनू यादव, मनीष यादव मुकदमे की रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश को लेकर 30 नवंबर 2021 को शाम मेरे पिता वीर बहादुर को उपरोक्त लोग देखकर गाली देने लगे। जब मेरे पिता ने गाली देने से मना किया तो सभी लोग अपने घर से लाठी डंडा और पत्थर से मारने पीटने लगे, पिताजी के चिल्लाने पर बचाने की आवाज सुनकर मेरी माता सोनिया देवी बचाने के लिए गई, तो आरोपियों ने मुझे तथा मेरी माता तथा चाचा राजेश यादव को मारा पीटा। मेरे पिता के सिर व शरीर में काफी गंभीर चोटें लगी, जिससे इलाज के दौरान पिता वीर बहादुर की मृत्यु हो गई। जिसकी विवेचना कर विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए विचरण प्रारंभ किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों का अवलोकन करने व अभियोजन की तरफ से विनय कुमार सिंह सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी को बचाव पक्ष की तरफ से सत्येंद्र सिंह अधिवक्ता की बहस सुनने के उपरांत न्यायालय ने उपरोक्त लोगों के खिलाफ दोष सिद्ध पाया और सजा सुनाई।