जिलाधिकारी मुरली मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्य तहसील दिवस पर फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि डीएम की मौजूदगी के बाद भी दस फीसदी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका। कुल 220 मामलों में से केवल 10 ही मौके पर निपटाए जा सके। इस दौरान डीएम ने मातहतों को प्रार्थनापत्रों को जल्दी निस्तारण के निर्देश दिए।
पेंशन, जमीन और सरकारी कर्मचारियों के कार्यों में लापरवाही से जुड़े मामले अधिक आए। नगर पंचायत के सभासदों ने समाजवादी पेंशन योजना में धांधली का आरोप लगाया। जिला पंचायत सदस्य अहमद कमाल ने सोनाडीह में पुलिस चौकी, सीयर पुलिस चौकी को रिपोर्टिंग चौकी का दर्जा देने और बेल्थरारोड में तीन दिन तक सीओ की तैनाती की मांग की। बनकरा निवासी रूदल ने कृषि आवंटित भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की।
टंगुनिया ग्राम के साहब दयाल ने सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति का मामला जोरशोर उठाया। नगर पंचायत के वार्ड नंबर चार निवासी सदाशत अली चबूतरा तोड़ने की शिकायत की। पिपरौली के जयकुमार ने पोखरी पर अतिक्रमण, सोनाडीह की मंजू देवी ने लेखपाल की धांधली, मलेरा के लक्ष्मण दास ने खेत में अवैध रूप से रास्ता निकालने, जेठवार के विजय प्रताप ने फर्जी प्रमाण पत्र के जरिये नौकरी पाने, सिंकदरापुर के हरीशचंद्र ने पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जा, सोनबरसा की प्रमिला ने दीवार तोड़कर नाली बनाने, अखोप के अमानुलहक अब्बासी ने मनरेगा और ग्राम निधि में धांधली की शिकायत की।
एकसार की फुलिया देवी ने प्रशासन पर अवैध कब्जा से संबधित गलत रिपोर्ट महिला आयोग का भेजने का आरोप लगाया। डीएम ने कोथ ग्राम में वरासत के मामले में हीलाहवाली पर लेखपाल को डांट पिलाते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। भीमपुरा के वरासत में लापरवाही बरतने पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी दी कि निस्तारण में लापरवाही पर संबधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर सीडीओ के बालाजी, एएसपी केसी गोस्वामी सहित समस्त जिलाधिकारी मौजूद रहे।