बैरिया। संपूर्ण समाधान दिवस पर शनिवार को तहसील में उस समय हंगामा हो गया जब तहसीलदार शैलेश चौधरी ने एक बुजुर्ग अधिवक्ता के गर्दन में हाथ लगाकर तहसील सभागार में ही फर्श पर गिरा दिया। इस घटना से अधिवक्ता उत्तेजित हो गए। तहसील के सभी कार्यालयों व न्यायालयों से कर्मचारियों को निकालकर तालाबंदी करा दी। एसडीएम आत्रेय मिश्र ने तहसीलदार की गलती स्वीकार करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। पुलिस ने किसी तरह तहसीलदार को सुरक्षित तहसील से बाहर निकाला।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद श्रीवास्तव (80 वर्ष) संपूर्ण समाधान दिवस पर किसी मामले में तहसीलदार से आग्रह करने गए थे। बातचीत के दौरान तहसीलदार शैलेश चौधरी नाराज हो गए और अधिवक्ता से धक्कामुक्की करने लगे। अधिवक्ता फर्श पर गिर गए। पुलिसवालों ने अधिवक्ता को सहारा देकर उठाया। यह बात कुछ ही देर में तहसील परिसर में फैल गई और अधिवक्ता एकजुट होकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने एसडीएम से तहसीलदार को बाहर निकालने की मांग करनी शुरू कर दी। तहसील का गेट बंद कराने के बाद मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। आननफानन में बैरिया, दोकटी आदि थानों की पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन अधिवक्ता डीएम व एसपी को बुलाने की मांग करने लगे।
अपर जिला अधिकारी वित्त व राजस्व राजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गाप्रसाद तिवारी व बांसडीह के सीओ राजेश तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं ने उनसे तहसीलदार को तत्काल निलंबित करने, विभागीय जांच और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर उनको शांत कराया। तहसीलदार को पुलिस सुरक्षा में बलिया भेज दिया गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में शिवजी सिंह, बसंत पाण्डेय, रामनरायण सिंह, रुद्रदेव कुंवर, अरुण श्रीवास्तव, देवेंद्र मिश्र, अजय सिंह, धनंजय सिंह, शत्रुघ्न सिंह, रामप्रकाश सिंह, चन्द्रशेखर यादव, अजित सिंह, राकेश मिश्र आदि शामिल रहे।
किसी को कानून हाथ मे लेने का अधिकार नहीं है। इस प्रकरण पर जिलाधिकारी से परामर्श कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व