मंगलवार को स्नान करते वक्त चार सहेलियां डूब गई थी। तीन को मजदूरों ने बचाया था और एक का शव पानी में लापता हो गया था। काफी प्रयास के बाद जब पता नहीं चला तब एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया लेकिन उसे भी जब शव नहीं मिला तब वो वापस लौट गए। घटनास्थल से दस मीटर दूरी पर शव उतराया मिला।
मनियर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तम पट्टी गांव स्थित सरयू नदी में मंगलवार को स्नान करते समय डूबी किशोरी का शव एनडीआरएफ टीम ने बुधवार दोपहर बरामद कर लिया। 24 घंटे बाद शव मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
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मंगलवार की सुबह गांव की तीन किशोरियां खुशबू (14), हिमांशी और निक्की गर्मी से राहत पाने के लिए गांव के पास नवनिर्मित ठोकर के समीप सरयू नदी में स्नान करने गई थीं। स्नान के दौरान तीनों किशोरियां अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। इसी दौरान गांव के ही 15 वर्षीय दिव्यांशु यादव ने जब किशोरियों की चीख-पुकार सुनी तो बिना समय गंवाए नदी में कूद पड़ा।
उसने साहसिक प्रयास करते हुए निक्की और हिमांशी को किसी तरह बाहर निकाल लिया। जब तक वह खुशबू को बचा पाता, वह पानी में समा चुकी थी। घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों की ओर से काफी प्रयास किया गया, लेकिन खुशबू का शव नहीं मिल पाया।
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इसके बाद पुलिस की सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार दोपहर कड़ी मशक्कत के बाद खुशबू का शव बरामद किया। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक मोहम्मद रिजवी ने घटना पर गहरा दुख जताया और एनडीआरएफ टीम को रेस्क्यू कार्य के लिए बधाई दी।
ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा की उठी मांग
घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम न होने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था की मांग कीहै। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा के उपाय होते तो यह हादसा टल सकता था।