सिकंदरपुर। तहसील क्षेत्र के डूहा विहरा में निर्माणाधीन राजकीय बालिका इंटर कालेज के निर्माण में हो रही देर और हीलाहवाली को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय गठित कर दी है। टीम को तत्काल निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिलने का बाद जीजीआईसी निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को 61.35 लाख रुपये मुहैया कराए गए थे। तत्कालीन डीआइओएस भाष्कर मिश्र की रिपोर्ट के आधार पर उस विद्यालय को डूहा विहरा स्थानांतरित कर दिया गया था। वर्ष 2020 मार्च में कार्यदायी संस्था को डूहा विहरा में जमीन उपलब्ध कराने के बाद भी बालिका इंटर कालेज का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रही है।
एक साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी उक्त विद्यालय महज नींव तक ही तैयार हो पाई है। इससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था। इस बाबत कई बार जिलास्तरीय अधिकारियों से शिकायत भी की गई थी। लगातार मिल रही शिकायतों व अखबारी सुर्खियां बनने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से टास्क फोर्स का गठन कर रिपोर्ट देने का फरमान जारी कर दिया है। गठित समिति में सह जिला विद्यालय निरीक्षक और तहसीलदार सिकंदरपुर को सदस्य नामित किया गया है।
उप निदेशक ने जांच को भेजा पत्र
सिकंदरपुर। उप शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल ने कार्यदायी संस्था के निदेशक सहित जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेज कर तीन दिन के अंदर उपभोग प्रमाण पत्र और कार्य गुणवत्ता रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। 14 जुलाई को जारी पत्र के माध्यम से कहा गया है कि जिलाधिकारी द्वारा नामित टास्क फोर्स तकनीकी टीम के सहयोग से निर्माणाधीन बालिका विद्यालय के कार्यों की गुणवत्ता सहित अन्य संबंधित बिंदुओं की क्रमवार जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करें। ताकि ससमय कार्यदायी संस्था को अगली किस्त उपलब्ध कराई जा सके।