परिजनों का आरोप था कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर सोनम को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार परेशान किया जाता रहा। प्रताड़ना इस हद तक बढ़ गई कि 12 नवंबर 2024 को सोनम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मृतका के पिता राजू ने भीमपुरा थाने में पति और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अदालत में विस्तृत बहस की गई। गवाहों के बयान, साक्ष्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पति राजकुमार को दोषी मानते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, मामले में ससुर चंद्रमा के संबंध में अदालत का फैसला अलग से विचाराधीन बताया जा रहा है। अदालत के इस फैसले को दहेज प्रताड़ना के मामलों में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।