समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और यूपी के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य आजकल निशाने पर हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरित मानस पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब वाराणसी में भी मामले पर विरोध देखने को मिल रहा है। राजनीतिक दलों के सात-साथ संत समाज भी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहा है। इसी क्रम में शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने भी स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा करते हुए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। स्वामी आनंद स्वरूप ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने सामाजिक भेदभाव को बढ़ाने का काम किया है। इसके लिए उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए कुछ चौपाइयां हटवाने की मांग की है। स्वामी प्रसाद मौर्य पहली बार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में नहीं आए हैं, बल्कि इस तरह के बयान वह पहले भी देते रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह बयान उनका व्यक्तिगत है, इससे पार्टी से कोई मतलब नहीं है। इसे पार्टी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।