बलिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद जिलेभर में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। नगर में तीन दिनों से आपूर्ति बेपटरी है और दिन में आठ से 10 घंटे की कटौती की जा रही है तो रात में आपूर्ति लगातार नहीं मिलती। गर्मी के बीच आपूर्ति बेपटरी होने से पूरे दिन लोग बिलबिला जा रहे हैं।
उधर, ग्रामीण इलाकों में हवा का बहाना बनाकर पूरे दिन आपूर्ति बंद कर दी जा रही है, जो रात नौ बजे से शुरू की जाती है। इसके बाद भी आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं मिलती और आधी रात तक बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है। इस बीच विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसी का फोन रिसीव नहीं करते या फिर उनका मोबाइल नॉट रिचेबल बताता है, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जिले में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जिला मुख्यालय हो या ग्रामीण इलाका हर जगह बिजली का संकट बना हुआ है। हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री की ओर से कटौती नहीं करने के निर्देश को भी विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अनसुना कर अपनी मनमानी कर रहे हैं। नगर के अधिकांश हिस्सों में तीन दिनों से आपूर्ति बेपटरी है।
ओक्डेनगंज चौराहा पर पिछले 15 दिनों से जले ट्रांसफार्मर को नहीं बदला गया है और इसके स्थान पर ट्राली ट्रांसफार्मर से आपूर्ति की जा रही है। बृहस्पतिवार को मालगोदाम मार्ग समेत दो स्थानों पर ट्रांसफार्मर जल गया जो तीसरे दिन भी नहीं बदला गया। पूरा शहर तीन दिनों से अंधेरे में है और जहां आपूर्ति हो रही है वहां भी अधिकतम 100 वोल्ट की ही आपूर्ति हो रही है। इसके चलते कोई उपकरण नहीं चल रहे और पंखे भी केवल डोल रहे हैं।
नगर के आर्यसमाज रोड, मालगोदाम रोड, एलआईसी मार्ग, शास्त्री नगर, बड़ा गड़हा, राजेंद्र नगर आदि मोहल्ले में तीन दिनों से आपूर्ति बेपटरी है। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त है। हवा चलने के नाम पर दिन में आपूर्ति बंद कर दी जा रही है और रात नौ बजे आपूर्ति देने के साथ ही आने-जाने का सिलसिला शुरु हो जाता है। बतौर उदाहरण सोहांव ब्लॉक के बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र से पूरे दिन आपूर्ति ठप रहती है और रात नौ बजे शुरु की जाती है। इसके बाद आधी रात तक बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता है।
पूर। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। साथ ही विद्युत आधारित कुटीर उद्योगों के संचालन में मालिकों को काफी कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश का बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कोई असर नहीं दिखाई पड़ रहा है। ग्राम सभा पूर जनपद की सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है लेकिन इस क्षेत्र में रतसर फीडर से चलने वाली बिजली कटौती से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। लोगों का कहना है कि ऐसी बिजली की कटौती अभी तक हम लोगों ने कभी नहीं देखा है। बिजली कटौती को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
दिन में आपूर्ति नहीं मिलती, देर रात तक चलती है आंख मिचौली
नरहीं। आसमान से बरस रहे आग से घर तंदूर बन जा रहे हैं तो दूसरी ओर बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग प्रचंड गर्मी से परेशान हैं और आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं इस भीषण गर्मी में पशु पक्षी भी बेहाल है ताल तलैया सूख जाने के कारण इनको पानी की तलाश में नदियों के तरफ अपना रूख करना पड़ रहा है।
बीते एक पखवाड़ा से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। ऐसे में लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर में सड़कें सूनी हो जा रही हैं। आलम यह है घर भी तंदूर बन जा रहे हैं जो देर रात तक ठंडा नहीं होने के कारण पंखा, कूलर भी गर्म हवा देते रहते हैं। इस बीच बिजली कटौती से परेशानी में और इजाफा हो जा रहा है। पूरे दिन बिजली गुल रहती है और शाम को आपूर्ति शुरु होते ही बिजली की आंख मिचौली का खेल शुरू हो जाता है जो देर रात तक चलता रहता है। भीषण गर्मी से किसान अपनी खेतों की रखवाली नहीं कर पा रहे हैं। सूर्य की तपिश से धान की नर्सरी में विलंब हो रहा है। ताल तलैया सूख जाने के कारण पशु पक्षियों को पानी के लिए गंगा नदी, गंगा के छाड़न, टोंस नदी तथा मगई नदी में जाना पड़ रहा है।
वर्तमान में तेज हवा के चलते तारों के टूटने या अन्य फॉल्ट के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है। गर्मी के चलते मांग बढ़ जाने से दिक्कत आई है। जले ट्रासंफार्मरों को बदलने का काम लगातार चल रहा है। आपूर्ति दुरुस्त रखने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। - एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत, बलिया