नगरा। गठन के बाद ही अपने कार्यों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रही नगरा नगर पंचायत अब पोखरे के सुंदरीकरण को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र के ताड़ी बड़ा गांव निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता अरुण सिंह ने नपं प्रशासन पर एक ही पोखरे पर दो कार्य योजना प्रस्तावित कर अलग-अलग दो बार में धनराशि 60 लाख की स्वीकृत करा वित्तिय अनियमितता का आरोप लगाया है।
अरुण सिंह के मुताबिक, नगर पंचायत में पंचफेडवा नाम से पोखरा है। इसके सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव डेढ़ साल पहले भेजा गया। टेंडर भी निकाला गया। इस पर शासन से 2992000 रुपये की धनराशि स्वीकृत किया। प्राप्त न्यूनतम दर 2980032 रुपये निर्धारित किया गया। इसका वर्क आर्डर हरेराम कंट्रक्शन को दिया गया। इसमें उल्लेख किया गया कि नगर पंचायत नगरा के पंचफेडवा स्थित पोखरे के चारों तरफ घाट का सुंदरीकरण कार्य।
इसके बाद, इसी पोखरे की दूसरी कार्य योजना बना कर भाजपा के एक सांसद के लेटर पैड पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया। यह कार्य योजना नगर पंचायत नगरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जनता इंटर कालेज के पीछे पोखरे के चारों तरफ घाट का सुंदरीकरण के नाम से बनाई गई। इस पर शासन ने 2992000 रुपये स्वीकृत किया। इसका प्राप्त न्यूनतम दर 2980032 रुपये निर्धारित किया गया। इस कार्य का वर्क आर्डर में भारती कंट्रक्शन गड़वार के नाम से किया गया। इस तरह शासन की आंख में धूल झोंक कर एक ही पोखरे के सुंदरीकरण के नाम पर अलग अलग नामों से कार्ययोजना बना कर लगभग 60 लाख की धनराशि स्वीकृत करा ली गई।
दूसरी कार्य योजना में वर्णित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जनता इंटर कालेज के पीछे कोई अन्य पोखरा है ही नहीं और तो और नगर पंचायत के अधिकारियों ने आनन फानन में सुंदरीकरण के कार्य का शुभारंभ के लिए पिछले सप्ताह भूमि पूजन भी करा लिया। दो ठेकेदारों ने एक ही पोखरे में बंटवारा कर कार्य भी शुरू करा दिया है। इस बाबत अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि इसकी जानकारी प्राप्त कर रहा हूं। गलत कार्य का भुगतान नहीं होगा। कार्य की पुष्टि के बाद ही कोई भुगतान किया जाएगा।