सतीशचंद्र महाविद्यालय के छात्रों ने कालेज की समस्याओं को लेकर शनिवार को प्राचार्य का घेराव किया। प्राचार्य के सामने मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और पत्रक सौंपकर मांगें गिनाई।
छात्र संघ अध्यक्ष रोहित कुमार चौबे ने कहा कि छात्र-छात्राओं से प्रायोगिक फीस के रूप में 240 रुपया लिया जाता है लेकिन लैब में न तो कोई केमिकल है और न ही कोई सामान। यहां तक कि आपरेटर भी नहीं है। छात्र नेता ने कहा कि लैब के नाम पर छात्रों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।
इसी क्रम में छात्रनेता सुधीर ओझा राणा ने कहा कि महाविद्यालय में न तो साइकल स्टैंड है और न ही कालेज के कमरों की प्रति दिन साफ-सफाई होती है। इसकी व्यवस्था हर हाल में कराई जाए। कालेज प्रशासन कालेज में एमए अंग्रेजी, बीकाम, एमएसी केमेस्ट्री आदि के लिए विश्वविद्यालय से व्यवस्था कराई जाए। ताकि छात्रों को भटकना न पड़े। यदि प्राचार्य द्वारा इन आवश्यकताओं को अनदेखी की जाती है, तो छात्र बर्दास्त नहीं करेंगे।