जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आए आंधी तुफान में एक किसान की मौत हो गई और मां बेटा सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी का इलाज जिला अस्पताल व ट्रामा सेंटर में चल रहा है। हालत खतरे से बाहर है। गर्मी की शुरूवात में पहली आंधी में भारी जन धन का काफी नुकसान हुआ।
सहतवार थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी नकुल यादव (55) पुत्र रामचंद्र यादव अपने गेहूं के खेत में कटाई कर रहे थे। अचानक तेज आंधी-तूफान आने पर वह अपनी सुरक्षा के लिए एक पेड़ के नीचे छिप गए। उसी पेड़ की एक बड़ी डाल गिरने से वघ्गंभीर रुप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के दो पुत्र हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वहीं,सदर कोतवाली के जमुआ गांव में छत का टीन शेड से मामा के गांव आए लवली 18 वर्ष निवासी सिवान का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। लवली आंधी से बचने के लिए बंधे से घर की तरफ भाग रहा था, उसी सामने की छत से उड़कर टीन शेड पैर को जख्मी कर दिया।
लवली वही गिर कर अचेत हो गया। परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने वाराणसी रेफर कर दिया। नरही थाना के शाहपुर बभनौली गांव में तेज आंधी के झोंके से दीवाल गिरने से उसकी चपेट में आने से मां सीता देवी 43 वर्ष व बेटा हिमांशु 16 वर्ष घायल हो गया।
परिजनों ने इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाय, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, चिकित्सक ने इलाज के लिए भर्ती कर लिया।सुखपुरा थाना के धर्मपुरा गांव में कच्ची दीवाल गिरने की चपेट में किरन देवी 45 वर्ष व पुत्र सुजीत कुमार 26 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो कर अचेत हो गए। परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
बांसडीहरोड़ थाना के बभनौली गांव में पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आने से सूरज पासवान 28 वर्ष घायल हो गए। परिजनों ने इलाज को जिला अस्पताल पहुंंचाया, जहां चिकित्सक ने इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कर लिया। चिकित्सकों ने बताया कि सभी की हालत खतरे से बाहर है।