सिकंदरपुर (बलिया)। थाना सिकंदरपुर के मझवलिया गांव में बुधवार की दोपहर सार्वजनिक नाली का निर्माण कराने पहुंची राजस्व, पुलिस और ग्राम विकास विभाग की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया।
छत से ईंट, पत्थर और शीशे की बोतलें फेंकी गईं। दो कांस्टेबल आयुष सिंह और विनोद कुमार घायल हो गए। पुलिस ने पांच महिलाओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उपजिलाधिकारी न्यायालय में चालान कर सभी को जेल भेज दिया। वहीं, दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि मझवलिया गांव में लंबे समय से नाली निर्माण को लेकर विवाद चल रहा है। ग्रामीण नाली निर्माण की मांग को लेकर एसडीएम सहित उच्चाधिकारियों से लगातार मांग कर रहे थे। एसडीएम सुनील कुमार के निर्देश पर राजस्व व ग्राम विकास विभाग की संयुक्त टीम पुलिस फोर्स के साथ नाली निर्माण कराने मौके पर पहुंची।
सड़क के बीच जैसे ही नाली निर्माण शुरू हुआ, इसी दौरान नाली निर्माण का विरोध कर रहे शिव मुनि साहनी के मकान की छत से लोग ईंट, पत्थर व बोतल फेंकने लगे। हमले में सिकंदरपुर थाने पर तैनात आरक्षी आयुष सिंह और विनोद कुमार घायल हो गए।
पुलिस ने दोनों को सीएचसी सिकंदरपुर पहंुचाया। आयुष सिंह की स्थिति गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि ग्राम सचिव प्रमोद कुमार सिंह की शिकायत पर राजस्व व पुलिस टीम को भेजा गया था। वार्ता के दौरान ही हमला कर दिया गया। आठ नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और अन्य की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।