जनपद में एक बार फिर शीतलहर चलने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सोमवार को सुबह के करीब 9:00 बजे भी घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान चल रही हवाओं के चलते गलन बढ़ गई। ठंड में लोग किसी तरह अलाव के सहारे बचने की जुगत में लगे रहे। ठंड के मद्देनजर सड़कों पर भी सन्नाटा पसारा रहा। वहीं दूसरी ओर कोहरे की वजह से ट्रेनें भी घंटो विलंबित रहीं।
मौसम का पारा लगातार गिरने के कारण लोग ठंड से परेशान हैं। कहीं भी अलाव नहीं जलाए जाने से राहगीर भी परेशान हैं। जबकि ठंड से पहले जिलाधिकारी ने कहा था कि उन्होंने हर तहसील में अलाव और कंबल के लिए पांच-पांच लाख रुपये भेजे हैं। बावजूद कहीं पर अलाव न जलना जिला प्रशासन की संवेदनहीनता को जगजाहिर कर रहा है।
कोहरे की चादर सोमवार को भी सुबह 10 बजे तक तनी रही। भगवान भास्कर का उदय कब हुआ पता ही नहीं चला। स्कूली बच्चे ठंड से ठिठुरते हुए स्कूल जरूर गए। लेकिन वे अब डीएम से छुट्टी की मांग करने लगे हैं।कड़ाके की ठंड व कोहरे का सिलसिला जहां अनवरत जारी है। वहीं इसके प्रकोप से जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। नगरीय इलाके में शीतलहरी ठंड के बावजूद अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अलाव जलवाने में प्रशासन अभी तक उदासीन बनी हुई है।
शहर के प्रमुख स्थान रोडवेज डिपो, जिला अस्पताल एवं प्रमुख चौराहों पर अलाव न