कांग्रेस, सपा, बसपा आदि पार्टियां मुस्लिमों का वोट लेने के लिए भारतीय संस्कृत का विरोध करती हैं, मुस्लिम नेता जानते हैं कि बिना इन पार्टियों के सहयोग से मैं चुनाव नहीं जीत सकता। जिस दिन मुस्लिम नेता जान जाएंगे कि बिना पार्टी के सहयोग के हम सिर्फ मुस्लिम वोट से चुनाव जीत जाएंगे।
उस दिन इन पार्टियों को लात मार कर खुद से चुनाव लड़ेंगे। जैसे हैदराबाद में ओवैसी खुद के दम पर चुनाव लड़ता है। उसी तरह सभी मुस्लिम नेता खुद के दम पर चुनाव लड़कर जीत जाएंगे तब सिर्फ इस्लाम होगा और पाकिस्तान होगा। ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब गृह युद्ध छिड़ जाएगा।उस हालत में एक दिन ऐसा आएगा जब देश की सीमा पर सैनिक लड़ेंगे और देश के अंदर हिंदू देशभक्त लड़ेंगे।
ये बातें बैरिया से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहीं। पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह ने अपने आवास पर कहा कि बांग्लादेश से बदतर स्थिति पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की है।वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लंकिनी कहते हुए कहा कि बंगाल की स्थिति बदसे बदतर बना दी है।
वहीं सोनिया गांधी इटली की राजधानी में बीयर बार में काम करने वाली महिला है जो अब देश के प्रधानमंत्री बनने की ख्वाब सजाने लगीं। इसे यहां की जनता ने इन्हें नकार दिया है। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा मुलायम, अखिलेश, शिवपाल, धर्मेंद्र की पार्टी हो, राहुल, सोनिया के पार्टी हो, लालू , तेजस्वी की पार्टी हो या ममता बनर्जी हों सिर्फ एक परिवार की पार्टी है।
यह सब पार्टी मुसलमानों का वोट लेने के लिए भारतीय संस्कृति का विरोध कर रहे हैं।इमरान मसूद के बयान पर पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा इमरान मसूद हों, राहुल गांधी या सोनिया गांधी सभी भारतीय संस्कृत के खिलाफ बोलने वाले नेता भारत में रहने लायक नहीं है।
इन पाकिस्तान परस्त नेताओं को बहुत पहले ही पाकिस्तान खदेड़ देना चाहिए था। उन्होंने बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि उस वक्त ऐसे लोग को भारत से भगाया नहीं गया। अगर भगा दिया गया होता तो इमरान मसूद जैसे शैतान यहां पनपते ही नहीं, भारत आज सनातन हिंदू राष्ट्र होता।