तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा परामर्शदाता चयन से संबंधित जानकारी नहीं दिए जाने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने सीएमओ को तलब किया है।
आयोग ने पांच फरवरी, 2015 की तिथि नियत करते हुए लखनऊ स्थित राज्य सूचना आयोग में प्रस्तुत होकर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। शहर से सटे बहेरी निवासी अभय शंकर ने वर्ष 2014 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कार्यालय से आवेदित परामर्शदाता के पद पर आवेदन किया था। साक्षात्कार होने के बाद रिजल्ट के बारे में आवेदक को सूचना नहीं दी गई।
इस पर आवेदक ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी से 28 मई, 2014 को पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। विभागीय अधिकारियों के उदासीनता के चलते आवेदक को सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
इससे क्षुब्ध आवेदक अभय शंकर ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल किया। संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने सीएमओ को नोटिस भेजकर पूछा है कि नियत समय सीमा के भीतर वांछित सूचनाएं आवेदक क्यों नहीं दी गईं?
इन सूचनाओं के साथ राज्य सूचना आयोग लखनऊ में नियत तिथि पांच फरवरी, 2015 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। अन्यथा की दशा में कार्रवाई की जाएगी।
प्रकरण में आयोग ने नोटिस की एक प्रति वादी और एक प्रति प्रतिवादी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज दिया है। नोटिस मिलने से चिकित्सा महकमे में हड़कंप मची हुई है।