टीईटी अभ्यर्थियों ने रविवार को माडल तहसील परिसर में बैठक की। इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विगत दिनों दिए गए निर्णय के अनुपालन में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग सूबे के मुख्यमंत्री तथा शिक्षामंत्री से की। कहा कि सरकार नियुक्ति प्रकि्रया में हीलाहवाली कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर जरूरी हुआ तो अभ्यर्थी आंदोलन का रास्ता चुनने से भ्ाी पीछे नहीं हटेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि 25 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह अधिकार प्रदान किया था कि 2012 में विज्ञापित 72825 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। जिसको आधार मानकर अभ्यर्थियों ने शासन से मांग किया है कि हम उक्त विज्ञापन 2012 के आवेदक है।
कहा कि अब ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को पुन: कराते हुए आवेदकों की काउंसिलिंग कराकर नियुक्ति प्रदान की जाय। ताकि टीईटी अभ्यर्थियों को उनका हक मिल सके।
संगठन के संजय पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार फैसले के अनुपालन में कार्रवाई तेज करे। इस मौके पर अरविंद गुप्त, चंदन, प्रियेश तिवारी, ज्ञान प्रकाश, अनिल जायसवाल, शशिभूषण, संजय पांडेय, धनंजय, प्रदीप के साथ ही काफी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद थे।