बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश मिश्रा की अदालत ने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त सुभाष गिरी पुत्र नंदजी गिरी निवासी एकवारी मठिया थाना फेफना के खिलाफ दोष साबित पाया। अभियुक्त सुभाष गिरी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 22 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वादिनी मुकदमा सरिता देवी ग्राम एकवारी थाना फेफना ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि एक अगस्त 2019 को मेरे ससुर नंदजी गिरी (65) खेत में रोपाई करवाने जा रहे थे। रात्रि में मेरे भसुर सुभाष गिरी ससुर नंदजी को गाली देते हुए कहने लगे कि हिस्सा नहीं दोगे तो तुमको मार दूंगा। सुभाष गिरी ने ससुर नंदजी गिरी की लाठी छीन कर उनके सिर पर मार गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। ईंट से भी उनके सिर पर प्रहार किया। इलाज के लिए ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।
विवेचक ने विवेचना कर अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय ने अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत सभी साक्ष्यों को देखा। अभियोजन पक्ष की तरफ से अनिल कुमार पांडेय अपर शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष के तरफ से नवीन कुमार सिंह अधिवक्ता (न्यायमित्र) की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाया। अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व कुल 22000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।