बलिया। शासन की ओर से जनपद की तीन आईटीआई को हाईटेक बनाने के लिए टाटा टेक्नोलॉजी के साथ करार किया गया है। तीन राजकीय आईटीआई को हाईटेक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। योजना के तहत, इनकी प्रयोगशालाओं को उन्नत बनाया जाएगा। इसके लिए 11.63 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी।
कार्य शुरू करने के लिए पहली किस्त में 1.50 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सीएंडडीएस को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। टाटा टेक्नोलॉजी ने प्रदेश में 150 औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों के उन्नयन के लिए राज्य सरकार के साथ एमओयू साइन किया है। इसमें जनपद के तीन आईटीआई, बलिया, रसड़ा और सीयर भी शामिल है। योजना के तहत प्रत्येक आईटीआई पर 32.58 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। करार के अनुसार वर्तमान औद्योगिक मांग के अनुरूप किए राजकीय आईटीआई के पाठ्यक्रम किए जाएंगे।
यहां के प्रशिक्षु तकनीकी रूप से सशक्त और दक्ष होंगे। लाभप्रद रोजगार के योग्य बनाए जाएंगे। कंपनी राजकीय आईटीआई को वैश्विक पटल पर उच्च गुणवत्ता युक्त कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के रूप में स्थापित कर इन्हें ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए रिपोर्ट भी तैयार करेगी। स्थानीय एवं वैश्विक औद्योगिक इकाइयों से समन्वय स्थापित कर इसे ट्रेनिंग काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेंटर के रूप में विकसित करेगी। चयनित कंपनी ही नई प्रौद्योगिकी के अनुसार उपकरण, मशीनें, सॉफ्टवेयर स्थापित कर प्रयोगशालाओं को हाईटेक बनाएगी। साथ ही साथ इनका पांच साल तक रख रखाव भी करेगी। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार और नवीन सिद्धांतों पर आधारित पाठ्यक्रम सामग्री तैयार की जाएगी। अब शासन की ओर से चयनित तीनों आईटीआई की प्रयोगशाला को उन्नत बनाने के लिए परियोजना भी स्वीकृत कर दी गई है। इसमें राजकीय आईटीआई रामपुर के लिए 3.54 करोड़, रसड़ा के लिए 3.54 करोड़, सीयर के लिए 4.53 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। सभी के लिए पहली किस्त में 50-50 लाख की धनराशि जारी की गई है। निर्माण की जिम्मेदारी सीएंडडीएस को सौंपी गई है। जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशिक्षक भी होंगे अपडेट
बलिया। चयनित आईटीआई में पहले दो वर्षों के लिए दो प्रशिक्षक तथा तीसरे वर्ष के लिए एक प्रशिक्षक की उपलब्धता टीटीएल कराएगी। टीटीएल की ओर से कुल 11 दीर्घकालीन और 23 अल्पकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को विकसित किया जाएगा। विभाग में कार्यरत शिक्षकों को पहले तीन वर्षों में नई तकनीक के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए चार नोडल केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें राजकीय आईटीआई को विभाजित किया जाएगा।
शासन की ओर से टाटा टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू साइन किया गया है। चयनित 150 राजकीय आईटीआई में जनपद के भी तीन राजकीय आईटीआई शामिल हैं। तीनों आईटीआई की प्रयोगशालाओं को उन्नत बनाने के लिए परियोजना को भी स्वीकृत मिल गई है। जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है। - संजय भारती, प्रिंसिपल राजकीय आईटीआई बलिया