जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
बलिया। जिले में बादलों की आवाजाही व बूंदाबांदी से मौसम शुष्क होने से लोग संक्रमण व डायरिया की चपेट में हैं। जिला अस्पताल से लगायत स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्दी जुकाम, खांसी के अलावा डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर हो सकती है। सोमवार को उल्टी-दस्त व पेट दर्द से पीड़ित 14 मरीज इमरजेंसी में भर्ती हुए। फिजीशियन की ओपीडी में 40 फीसदी मरीज पेट दर्द व डायरिया जैसे लक्षण के पहुंचे। इनमें बच्चे व बुजुर्गों की संख्या अधिक रही।
जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर सुबह साढ़े बजे से मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लग गई थी। सप्ताह का पहला दिन होने के कारण पर्ची काउंटर पर भीड़ के चलते सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी लगी थी। ओपीडी में 1329 मरीज पहुंचे। जिला अस्पताल की ओपीडी में आए फेफना निवासी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि कल शाम से ही उल्टी के साथ पेट दर्द की शिकायत थी। सुबह इमरजेंसी में पहुंचा तो इलाज के बाद राहत मिली। चिकित्सक ने दवा के साथ साफ सफाई व खानपान में संयम की सलाह दी है। सागरपाली निवासी मालती देवी ने बताया कि सुबह से बेटा मनोज कुमार दस्त से परेशान था। जिला अस्पताल ले आई हूं। आधे घंटे से पर्चा के लिए लाइन में लगी हूं। अखार निवासी संतोष कुमार ने बताया कि पेट में दर्द व दो दिनों से बुखार है। दवा खाने पर कुछ देर के लिए आराम मिल रहा है।
डॉक्टर ने दवा के साथ कुछ जांच कराने की सलाह दी है। इस बाबत सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोगों को वायरल संक्रमण व उल्टी-दस्त व पेट दर्द जैसी समस्या होती है। अस्पताल में दवा व इलाज मौजूद है। लोगों को खानपान पर नियंत्रण रखना होगा।