घटना की सूचना जैसे ही लोगों को मिली गंगा तट पर भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर एडीएम राजकुमार सिंह, सदर तहसीलदार सदानंद सरोज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही के डॉ. साकेत बिहारी शर्मा, सपा नेता बंशीधर यादव सहित सैकड़ों लोग पहुंच गए। तहसीलदार ने लोगों से अपील किया कि गंगा नदी में धारा के साथ ऊंची लहरें उठ रही है, ऐसे में छोटी नाव का प्रयोग न करें।
जीवित्पुत्रिका पर मां के साथ कुड़िया घाट पर स्नान करने गईं पांच बालिकाएं बुधवार की शाम नदी के गहरे पानी में डूबने लगीं। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे। किसी तरह तीन बालिकाओं को डूबने से बचा लिया, लेकिन नदी की तेज धारा की वजह से दो का पता नहीं चल सका। बृहस्पतिवार को सुबह दोनों बालिकाओं का शव बरामद कर लिया गया।
जीवित्पुत्रिका व्रत के दौरान बुधवार शाम को महिलाएं सरयू नदी के छाड़न कुडिय़ा घाट पर स्नान करने गई थीं। व्रती महिलाओं के साथ बच्चे और कम उम्र की बालिकाएं भी नदी तट पर गई थीं। इस दौरान रीना (14) पुत्री रामदेव, गोल्डी (14) पुत्री रामजी यादव, नीतू (13) पुत्री छोटेलाल, खुशबू (12) पुत्री योगेंद्र यादव, प्रीति (12) पुत्री राजकुमार यादव अचानक डूबने लगीं।
महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और तीन बालिकाओं को बचा लिया। रीना और गोल्डी नदी की धारा में समा गईं। उनका कहीं पता नहीं चला। बृहस्पतिवार की सुबह रीना के शव को बरामद कर लिया गया। गोल्डी की तलाश में पुलिस एवं एनडीआरएफ की टीम लगी हुई थी। दोपहर में गोल्डी का शव भी बरामद कर लिया गया।
डूबने वाली सभी बालिकाएं राजागांव खरौनी के फिरंगी टोला की रहने वाली हैं।