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शिकायतों के निस्तारण की गति धीमी

Sun, 21 Jan 2018 11:10 PM IST
ballia
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आवासीय योजना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में धांधली की शिकायतें जारी हैं। लेकिन इनके निस्तारण की गति बेहद धीमी है। सालभर में मिली 37 शिकायतों में से महज आठ पर ही कार्रवाई हो सकी है। ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही लाभार्थियों पर भारी पड़ रही और उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल  पा रहा। दशकों से संचालित इंदिरा आवास योजना को वर्ष 2015-16 में बंद कर इसे प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया गया। सरकार ने इस योजना के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए सेक (सोशल इकॉनामिक कास्ट कैलकुलेशन) डाटा को आधार बनाया। सरकार ने सेक डाटा में शामिल गरीबों के नामों को सीधे बीडीओ की लॉगिन पर भेजने व उसका सत्यापन संबंधित ग्रामसभा की खुली बैठक में कराने का प्रावधान किया। चयनित लाभार्थियों की सूची गांव के सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने की भी व्यवस्था दी गई ताकि गलत चयन होने पर ग्रामीण आपत्ति कर सकें। लेकिन यह सब कुछ जिले में हवा हवाई ही साबित हुआ और मनमानी तरीके से आवासों के चयन की कार्रवाई  की गई।
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  सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए वर्ष 2016-17 में 9810 व वर्ष 2017-18 में 4631 आवासों का आवंटन कर दिया गया है। लेकिन जैसे-जैसे लोगों को जानकारी हो रही है वैसे-वैसे संबंधित गांवों की शिकायतें भी अफसरों के यहां पहुंचने लगी है। लेकिन कुछ गंभीर शिकायतों को छोड़ अधिकांश मामले में या तो जांच नहीं की गई या फिर जांच के नाम पर लीपापोती कर दी गई। हालंाकि शिकायतें कई स्तर पर की गईं है जिसमें ब्लॉक, तहसील, डीडीओ, पीडी, सीडीओ, डीएम आदि के कार्यालय हैं। सीडीओ कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार अभी तक कुल 37 शिकायतें इस कार्यालय को प्राप्त हुई हैं जिसमें महज आठ मामलों में जांच के बाद कार्रवाई की गई और कई मामले की जांच चल रही है।

   नवंबर महीने में दुबहड़ ब्लाक के ओझवलिया गांव के लाभार्थी सनकेशरी, शिवजी राम, रामनाथ राम, सुरेन्द्र राम, मंजू देवी आदि ने डीएम को शिकायती पत्र देकर प्रति आवास अवैध वसूली का आरोप लगाया। लेकिन इसकी जांच अभी तक नहीं हो सकी है जबकि इस मामले में सीडीओ ने बीडीओ से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। इसी ब्लाक के घोड़हरा के ग्रामीणों ने भी शिकायत की लेकिन दो माह बाद भी न जांच नहीं हो सकी। गड़वार गांव के राजू मिश्र की शिकायत पर मामले में सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगा लेकिन अभी तक इसकी जांच शुरु तक नहीं हो सकी है। दुबहड़ गांव निवासी तेज बहादुर सिंह ने एक पखवारा पहले जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ शिकायत किया कि दशरथ मिश्र के छपरा गांव की प्रधान के देवर को प्रधानमंत्री आवास व शौचालय का आवंटन किया गया है जो कि मानक के विपरीत है।
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