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गंगा की लहरों ने स्लोपिंग कार्य किया ध्वस्त, गंगा यात्रा के दौरान बना पूजा मंडप बहा

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गंगा की कटान से बचने के लिए अपने आशियाने का उजाड़ते उदईछपरा निवासी बद्री शाह। - फोटो : BALLIA
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दयाछपरा। कटान रोकने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से बनाई गई स्लोपिंग सोमवार की सुबह गंगा की तेज लहरों से कट कर तहस नहस हो गया। इसके अलावा गंगा पूजन के दौरान गंगा तट पर बनाया गया पूजा मंडप भी बह गया। यह देख तटवर्ती गांवों के लोग कटान को लेकर भयभीत हैं।
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गंगा की लहरों ने सोमवार को तबाही मचानी शुरू कर दी। आलम यह रहा कि आठ माह पहले गंगा यात्रा के दौरान राज्यपाल के आगमन पर दुबेछपरा कन्हई ब्रह्म बाबा स्थान के समीप बना पूजन मंडप गंगा में समाहित हो गया। वहीं, कटान रोकने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से लगाया गया पार्कोपाईन भी डूब गया और कटान रोकने के लिए कराया गया स्लोपिंग कट कर तहस नहस हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ने के साथ साथ अब कटान को रोकना मुश्किल होगा। जब तक स्लोपिंग था यह आस बंधी थी कि पानी बढ़ने के साथ पानी फैल तो सकता है पर कटान नहीं होगी लेकिन अब धीरे धीरे कटान भी शुरू हो गया है। गंगा की लहरों को देखते हुए गंगा के ठीक मुहाने पर खड़ा उदईछपरा निवासी बद्री साह अपने ही मकान को अपने ही हाथों तोड़ने पर मजबूर रहे। बताया कि अब तो गंगा मैया छोड़ने वाली नहीं है। कुछ ईंट भी बच जाएगा तो अन्यत्र आशियाना बनाने में कुछ मदद मिल सकता है। यही नहीं गंगा उस पार नौरंगा भुआल छपरा कटिया बाबा के यज्ञ शाला के सामने चक्की होते हुए जेवनिया जाने वाले मार्ग पर दबाव बढ़ने लगा है। अगर यह मार्ग कट जाता है तो नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उदईछपरा डेरा के लगभग 50 हजार की आबादी को बचाना कठिन हो जाएगा। इस बाबत बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि बाढ़ व कटान रोकने को हर संभव प्रयास किया जाएगा। स्लोपिंग कटने से अभी कोई खतरा नहीं है, बारिश के कारण किनारा क्षतिग्रस्त हुुआ जो पानी बढ़ने पर ठीक हो जाएगा।
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