पिछले 36 घंटे तक घाघरा के जलस्तर में कमी के बाद रविवार को दोपहर नदी में ठहराव आ गया। पिछले दो दिनों तक दो से चार सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर में कमी का सिलसिला जारी रहा। रविवार को जलस्तर स्थिर हो जाने के चलते बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार को जलस्तर 62.050 मीटर पर स्थिर रहा। जबकि लाल निशान 64.010 है। जलस्तर में स्थिरता से तटवर्ती महुआतर, चैनपुर गुलौरा, मठिया, तगुनिया, खैराखास, तुर्तीपार, ओझवलिया, बेल्थरा बाजार, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि ग्रामों के बाशिंदों में राहत की अनुभूति की है।
जयप्रकाशनगरः विकास खंड मुरली छपरख अंतर्गत ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद नौबरार अठगंवा में चल रहे कटानरोधी कार्य का रविवार को जिलाधिकारी मुरली मनोहर लाल ने औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कटान पीड़ितों से अपील की है कि यहां चल रहे कटानरोधी कार्य में आप लोग बाधा न डालें तथा इस कटानरोधी कार्य कराने वालों का सहयोग करें। ताकि जल्द से जल्द कटानरोधी कार्य पूर्ण हो सकें। कहा कि किसी भी कीमत पर गांव को कटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए जो भी होगा, शासन-प्रशासन से किया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान बच्चाजी यादव, राकेश सिंह, नंदजी सिंह, टिंकू सिंह, मदन पांडेय, श्रीमोहन पांडेय, राजनाथ यादव आदि मौजूद रहे।
बेल्थरारोडः जिला पंचायत सदस्य अहमद कमाल ने घाघरा नदी के तटवर्ती ग्रामों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की। तटवर्ती क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद सदस्य ने बताया कि बाढ़ से बचाने के लिए बनाए गए टीएस बंधे की स्थिति जर्जर है। बंधे में दरार पड़ने के साथ ही जंगली जानवरों ने अपना आशियाना बना लिया है। बंधा अंदर से खोखला हो गया है।