बलिया। लॉकडाउन के नियम केवल आम लोगों तक के लिए सीमित होकर रह गए हैं। इन नियमों का असर प्रांतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करों व रेत माफियाओं पर नहीं है। इसका नजारा नरही क्षेत्र ो भरौली गंगा पुल पर देखने को मिल रहा है। शाम होते ही जब लॉकडाउन के चलते लोग घरों में होते हैं तो तस्करों के वाहन खाद्यान्न आदि लेकर फर्राटा भरने लगते हैं। इतना ही नहीं गंगा किनारे जगह जगह सफेद बालू का खनन शुरू हो जाता है। पूरी रात इन तस्करों व रेत माफियाओं का खेल चलता रहता है।प्रांतीय सीमाओं के रास्ते दो तरफा तस्करी सालों से कुख्यात है। खासकर नरही थाना क्षेत्र के भरौली स्थित भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित गंगा पुल तस्करों के लिए मुफीद है। इस लॉकडाउन में सीमा सील होने के बावजूद यह तस्कर अपना खेल जारी रखे हुए हैं। बताया जाता है कि तस्करों के हाथ इतने लंबे हैं कि किसी भी सरकार में इनका धंधा नहीं रुकता है। लॉकडाउन में भी तस्करों ने अपना धंधा जारी रखने का तरीका निकाल लिया है। आवश्यक सेवा के नाम पास लेकर यूपी की सीमा पार करते हैँ बिहार की सीमा में सेटिंग करक वाहनों को पार कराते हैं। शाम ढलते ही खाद्यान्न आदि लदे छोटे वाहनों की गंगा पुल के रास्ते शुुरु हो जाती है। उधर, शाम होने के बाद नरहीं थाना क्षेत्र के गंगा किनारे के गांवों के सामने अवैध सफेद बालू खनन का खेल भी शुरु हो जाता है। इलाके के सरायकोटा, नसीरपुर मठ, सरयां, उजियार, भरौली, गोविंदपुर, सोहांव, पलियाखास, कोट अंजोरपुर आदि गांवों के सामने रात के अंधेरे में जेसीबी से बालू निकालने का काम शुरु हो जाता है जिसे रात में ही ट्रालियों से जगह-जगह डंप कर दिया जाता है।
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जल्द ही एक टीम सीमावर्ती इलाकों में निगरानी के लिए तैनात की जाएगी जो सभी तरह के पास की जांच करेगी। गंगा किनारे किसी तरह का खनन अवैध है, इसे रोकने का निर्देश खनन विभाग के अधिकारी को दिया जा रहा है।
- राम आसरे, एडीएम, बलिया