पालिका क्षेत्र के 18 प्रमुख नालों पर दुकादारों ने कब्जा कर लिया है। अतिक्रमण के चलते नालों की सफाई करने में सफाई कर्मियोंं को दिक्कत हो रही है। पालिका प्रशाासन रसूखदार दुकानदारों के आगे बौना हो गया है। अवैध कब्जे को हटवाने का जहमत नहीं उठा रहा है। बरसात नजदीक है। नालों के चोक लेने से मुख्य बाजार समेत शहर के कई अन्य प्रमुख इलाके जलमग्न हो जाएंगे। जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।शहर में जलनिकासी के लिए बड़े, छोटे व मझोले 25 नाले बनाए गए हैं। प्रशासनिक उदासीनता के चलते नालों पर स्थानीय लोग दुकान बना लिए है। कई इलाकों में लोग सीढ़ी व चबूतरा बनाकर नाले को ढक दिए है। अतिक्रमण के कारण नालों की सफाई नहीं पा रही है। बरसात होने पर क्षेत्र में जलभराव होना तय है।
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अतिक्रमण की जद में चालीस फीसदी नाले
शहर में 16 ऐसे नाले हैं जिनके 40 फीसदी हिस्सों पर अतिक्रमण है। इनपर 50 से अधिक मकान ऐसे बनें हैं, जिनकी चहारदीवारी नाले के बाहर तक है। इसके अलावा स्टेशन से शहीद पार्क चौक तक करीब दो सौ दुकानों की सीढ़ी और छज्जे नालों के ऊपर बने हैं। वहीं, गलियों में छोटी नालियों पर लोग मकान बना लिए है। पालिका प्रशासन मौन है।
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फिलहाल जहां नालों पर अतिक्रमण है वहां सफाईकर्मियों की मदद से सफाई कराई जा रही है। अतिक्रम मुक्त नालों की सफाई मशीन से सफाई कराई जा रही है। मदद से नाला सफाई का कार्य चल रहा है। नाला सफाई का लगभग 70 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। सफाई अभियान के बाद बाद अतिक्रमणरोधी अभियान चलाया जाएगा। -सत्य प्रकाश सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, बलिया।
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