बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेला को नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन ने कोरोना का भय दिखाकर साप्ताहिक मेले का स्वरूप दे दिया। नहान के दूसरे दिन यानि मंगलवार को भी मेले में दुकानदार ग्राहक की तलाश में दिन भर सिर खुजाते नजर आये। नगर पालिका प्रशासन के सूत्रों के अनुसार पहले जहां 200 से ढाई सौ दुकानें लगाती थी, इस बार मात्र 35 दुकानें लगी हैं। इसके अलावा मीना बाजार में दुकानें नगाने वाले दुकानदारों को अब तक बिजली का कनेक्शन और पानी की सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि 29 नवंबर को नगर मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह और नपा के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा की मौजूदगी में व्यापारियों और मेला प्रशासन में यह सहमति बनी थी कि जो पहले किराया जमा करेगा, उससे मेले में मिलने वाली पूर्व की सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लेकिन दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें बिजली का कनेक्शन तक नहीं दिया गया है। उबड़ खाबड़ जमीन को समतल तक नहीं कराया गया है, जिसके चलते अभी तक बहुत सारी दुकानें नहीं लग पाई हैं।