ददरी मेला के मीना बाजार से अपनी-अपनी दुकानों को समेटने के बाद ट्रक पर लादते दुकानदार और मजदूर।स
बलिया। एक महीने तक चले ददरी मेले का रविवार को समापन हो गया। सोमवार को दुकानदार अपने तंबू उखाड़ने लगे। देर रात तक दुकानों का सामान वाहनों में लादने का काम चलता रहा। दुकानदार अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ रवाना हुए।
कोई दुकानदार अपने जनपद के लिए चल दिया तो कुछ बैरिया में चल रहे सुदृष्टि बाबा मेले के लिए रवाना हुए। मेले में एक महीने तक दुकानदार एक-दूसरे के काफी करीब हो गए थे। मेले में असम, लुधियाना, सहारनपुर, बरेली आदि जनपदों से पहुंचे थे। कार्तिक पूर्णिमा के दिन से शुरू हुए मेले को लेकर काफी उथल पुथल रही। इससे दुकानदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। मेला समाप्ति के दस दिन पहले से मेले में भीड़ उमड़ने लगी थी। इसके बाद दुकानदारों के चेहरे खिलने लगे थे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही।
पहली बार हुई क्रिकेट प्रतियोगिता : ददरी मेले में पहली बार क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 50 से अधिक टीमें शामिल हुईं। कैनवास बाॅल से हुई प्रतियोगिता में 6-6 ओवर के मैच खेले गए।
मुशायरा का नहीं हो सका आयोजन: भारतेंदुकला मंच पर हर साल मुशायरा का आयोजन होता था। इसे सुनने के लिए दूर दराज के लोग आते थे। इस बार प्रशासन की तरफ से मुशायरा का आयोजन नहीं हुआ। प्रशासन ने बताया था कि फ्लाइट निरस्त होने के कारण कलाकार नहीं आ सके।