बलिया। बिजली, पुलिस और नगर पालिका की उदासीनता के चलते शहर बस आग के शोले पर बैठा हुआ है। नगर के ह्रदय स्थली कहे जाने वाले शहीद चौक, उमाशंकर सेनानी चौराहा, ओक्डेनगंज चौराहा पर बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जहां नगर पालिका द्वारा कूड़ा रखने का स्थान बनाया था। यहां अब फुटपाथ व ठेला-खुमचा वाले जान जोखिम में डाल सामान बेचने का काम कर रहे है। यह सब जानते हुए भी कि ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी कई लोगों की जान ले सकती है। बावजूद दुकान लगाकर बेचने का काम कर रहे है। आग लगने की स्थिति में नगर को बचाना अग्निशमन विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।
बता दें कि बिजली विभाग नगर के हृदयस्थली कहे जाने वाले शहीद चौक, उमाशंकर सेनानी चौराहा, ओक्डेनगंज चौराहा सहित अन्य स्थानों के पास ट्रांसफार्मर लगा है। जिसके चारों तरफ घेर कर ठेला-खोमचे वाले के साथ ही फुटपाथ दुकानदार सामानों की बिक्री करते है। वहीं नगर पालिका ट्रांसफार्मर के पास ही कूड़ेदान का स्थान बना दिया था, जहां कूड़े में भारी मात्रा में प्लास्टिक, फोम, कागज, कपड़ा आदि उपलब्ध रहते है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर के चारों तरफ फुटपाथ दुकानदार व ठेला खोमचा वालों ने कब्जा कर सामान बेचते है। इसके अलावा स्टेशन से शहीद चौक तक ठेला खोमचे वालों का कब्जा है। इसके साथ ही गुदरी बाजार में किराना, कपड़ा, घी, तेल व रूई, विजय टाकीज रोड में कपड़ा, आर्यसमाज रोड में सुतरी, किराना, पेंट, शहीद चौक-कासिम बाजार रोड पर ठेला, खोमचा व सब्जी वालों का कब्जा रहता है। जिससे मार्ग पूरी तरह संकरा हो जाता है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अगर कतिपय कारणों से ट्रांसफार्मर या अन्य कारणों से आग लग जाय तो नगर के लोगों को बचाना अग्निशमन विभाग व प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।
- नगर में स्थापित सभी हाईड्रेंट चोक हो गए है। नगर के सभी मार्गों पर ठेला खोमचा वालों का कब्जा है। अगर कतिपय कारणों से नगर में आग लग्र तो गाड़ियों को वहां तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना पड़ सकता है। इसके लिए वाहन के आवागमन के लिए पूरा रास्ता साफ होना चाहिये। इसके लिए जिला प्रशासन से बातचीत कर कार्रवाई की जाएगी।
- धीरेंद्र सिंह यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बलिया
नगर में स्थापित 30 हाईड्रेंट बने शोपीस
बलिया। नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर आग को बुझाने के लिए कुल 30 हाइड्रेंट लगाए गए थे। ताकि आग पर त्वरित अग्रिशमन कार्रवाई कर सकें। लेकिन ये सभी हाइड्रेंट शोपीस बने हुए है। कारण कि एक-दो को छोड़ दिया जाय तो सभी हाइड्रेंट सड़क में दब गए है। वहीं एक-दो देखरेख के अभाव में जाम हो गये हैं। ऐसे में अगर नगर में आग लग गई तो अग्रिशमन विभाग को आग पर काबू पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
- 26 अक्तूबर 2018 को मॉडल रेलवे स्टेशन से करीब पचास मीटर की दूरी पर स्थित बसुंधरा मार्केट स्थित एक इलेक्ट्रानिक्स व इलेक्ट्रिकल की दुकान में की देर शाम शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। आसपास के लोग कुछ कर पाते कि आग ने विकराल रूप धारण कर कटरा में स्थित 22 दुकानों को अपने आगोश में लेते हुए प्रथम मंजिल पर पहुंच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की आधे दर्जन गाडिय़ां कुछ ही देर में पहुंच गई। वहीं तत्कालीन एसपी, एएसपी, सीओ सिटी, सदर कोतवाल सहित आधे दर्जन थानों की फोर्स तत्काल मौके पर पहुंच गई और जान हथेली पर रख फोर्स कार्रवाई जुट गई थी। अग्निशमन व पुलिसकर्मियों के अथक प्रयास के बाद भोर में जाकर आग पर काबू पाया गया था। अगलगी में करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
केस-दो
- वर्ष 2017 में नगर के बीचो-बीच स्थित शहीद चौक के पास स्थित एक रेडिमेड कपड़े की दुकान में पिछले वर्ष शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। जिसे बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को हाईड्रेंट की कमी खली थी। अंत में अग्निशमन के जवानों ने एक दूसरे दुकान के सबमर्सिबल से पानी लेकर आग पर काबू पाया था। नहीं तो चौक में बड़ा हादसा हो सकता था।