बलिया। परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए इस बार दो फेज में स्कूल चलो अभियान चलना है। पहले चरण का अभियान अप्रैल में चलाया जा चुका है। इसमें करीब 5225 नए प्रवेश हुए। दूसरे चरण में अभियान जुलाई में चलेगा।
इससे पहले स्कूल के प्रधानाध्यापक ही नहीं सहायक शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशक भी यह बताएंगे कि उन्होंने पहले चरण में कितने नए प्रवेश में भूमिका निभाई।
जिले में 2248 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें पढ़ाने वाले शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक को कराए गए दाखिले का हिसाब देना होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से हर स्कूल का डाटा एकत्र करने के निर्देश जारी किए हैं। यह रिपोर्ट स्कूल खुलने के बाद इसी माह उपलब्ध करानी होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान में शिक्षक गांव-नगर में जागरूकता रैली, नुक्कड़ कार्यक्रम, बैठक एवं अभिभावकों से मिलकर उन्हें बच्चों का परिषदीय स्कूलों में प्रवेश कराने को प्रेरित किया, लेकिन इतने प्रयास के बाद भी सिर्फ 5225 नए प्रवेश हुए। प्रदर्शन पर गंभीरता दिखाते हुए बेसिक शिक्षा महानिदेशक की तरफ से दूसरे चरण का अभियान चलाने से पहले रिपोर्ट मांगी गई है कि किस स्कूल में कितने नए प्रवेश किसके माध्यम से हुए। परिषदीय स्कूलों में वेतनभोगी शिक्षकों के अलावा शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के प्रदर्शन की जानकारी भी मांगी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में 1596 प्राथमिक, 259 उच्च प्राथमिक, 392 कंपोजिट स्कूल हैं। इनमें करीब दस हजार शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक तैनात हैं। इनसे निर्देश क्रम में यह जानकारी ली जाएगी कि उन्होंने कितना प्रवेश कराया।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रत्येक स्कूल से यह पता कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं कि किसने कितने प्रवेश कराए। यह रिपोर्ट शिक्षा महानिदेशक कार्यालय इसी माह के अंत तक भेजनी है। तभी जुलाई में दूसरे चरण का अभियान प्रभावी होगा।
- मनीष कुमार सिंह, बीएसए।