क्षेत्र के कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में बिक रही कच्ची दारू के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों महिलाएं एवं बच्चे लामबंद हो गए। हाथ में लाठी-डंडे लेकर दारू बेचने वाले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दर्जनों गैलन दारू नष्ट करने के साथ ही भट्ठियां भी तोड़ दी। इस दौरान चले ईंट पत्थर में पांच लोग चुटहिल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन दिन के अंदर दारू का धंधा बंद कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
कई बार शिकायत करने पर सुनवाई न होने और शराब की वजह से लोगों को बर्बाद होने से बचाने के लिए शुक्रवार की सुबह पश्चिम पटखौली भरतपुरा तथा चांदूपाकड़ की सैकड़ों महिलाएं एवं बच्चे हाथ में लाठी-डंडा लेकर कच्ची दारू बेचने वालों के खिलाफ उतर गए। नारा लगाते हुए उनका काफिला शराब की दूकानों पर पहुंच गए।
वहां उन्होंने तोड़फोड़ करते हुए दर्जनों गैलन दारू नष्ट कर दिए। महिलाओं का काफिला चांदूपाकड़ चौराहा स्थित नई पानी टंकी के पास पहुंचा तो वहां कच्ची दारू बेचने वाले दूकानदार ने उनका विरोध किया। इस दौरान दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चले। जिसमें कमलेश, धनजी, हरिराम, तोता देवी, सबिता देवी को चोटें लगी।
इस बीच किसी ने घटना के बाबत पुलिस को सूचना दी। दलबल के साथ मौके पर पहुंचे दारोगा राम अवध ने किसी तरह से मामला समझा-बुझाकर तीन दिनों के अंदर दारू बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया एवं मामले को शांत कराया। गौरतलव हो कि इसके पूर्व भी कच्ची दारू बंद कराने को लेकर इंकलाबी नौजवान सभा व भाकपा माले की तरफ से पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
इस मौके पर दिनेश राजभर, कृष्ण कुमार, जयराम, अभिमन्यु, कोशिला देवी, बबिता, रेखा, रेनू, मीना, पुष्पा, संतोषी, रीता, मुनरी देवी, मंजू देवी आदि लोग रहे।