मनियर। कस्बा स्थित चांदूपाकड़ में शहीद भगत सिंह पुस्तकालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 113वीं जयंती सोमवार को मनाई गई। युवाओं ने शहीद भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित किया।
वक्ताओं ने कहा कि शहीद भगत सिंह के विचार आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। भगत सिंह सिर्फ भारत को अंग्रेजों की गुलामी से ही आजाद नहीं कराना चाहते थे बल्कि भारत को पूंजीपतियों और सामंतों की गुलामी से भी आजाद कराना चाहते थे। वह भारत को एक समाजवादी मुल्क बनाना चाहते थे, जहां समाज में किसी का धर्म, जाति, वर्ग, नस्ल, लिंग के आधार पर उत्पीड़न ना हो लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि देश की मौजूदा राजनीति हमारे इस महानायक के आदर्शों से भटक चुकी है। कहा कि देश में आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, गरीबी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसका इलाज भगत सिंह के बताए समाजवादी नीतियों से ही हो सकता है। इस मौके पर मदन सचेस, राजू राजभर, मनंजय भारद्वाज, विजय सिंह, अनुराग गुप्ता, इंद्रजीत शर्मा, दिलीप मिश्रा, धनंजय चौहान, प्रशांत सिंह, रोहित आदि रहे।