सोशल मीडिया के जरिए एक व्यक्ति को तीन साल से बिछड़ा परिवार मिल गया। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता सागर सिंह राहुल का प्रयास खास रहा है। बृहस्पतिवार को परिवार वाले शफीक को लेकर वाराणसी चले गए। वहां से वह वर्धमान चले जाएंगे।
मानसिक बीमारी से पीड़ित शफीक तीन वर्ष पहले वर्धमान से वाराणसी उपचार के लिए जा रहा था। इस दौरान वह ट्रेन से उतरना भूल गया और शहर में आ गया। मंगलवार की रात सागर सिंह राहुल अपने मित्र के साथ निमंत्रण से लौट रहे थे।
इस दौरान उनकी उनकी नजर ओवरब्रिज पर मौजूद व्यक्ति पर पड़ी। उन्होंने गाड़ी रोक कर उससे नाम पता पूछा तो शफीक ने आधी अधूरी जानकारी दी। इस पर राहुल ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर जानकारी को अपनी आईडी से पोस्ट कर दिया।
ऐसे में शफीक के परिजनों ने राहुल से फोन पर संपर्क साधा। बुधवार को उसकी पत्नी सूरीना बेबी, पुत्र रमजान शेख व साढू फुरकान खान यहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि शफीक झारखंड के पाकुड़ देवी नगर का रहने वाला है।