चार दिवसीय डाला छठ आज से शुरू हो जाएगा। लेकिन गंगा घाटों की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में व्रती महिलाओं को घाट तक पहुंचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
नगर के सटे महावीर घाट पर व्रती महिलाएं पूजा करने जातीं हैं। वहां अब भी जमीन उबड़-खाबड़ स्थिति में है। उसे ठीक करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं प्रतिदिन दो चार घंटे श्रमदान कर रहे हैैं। वहीं तालाबों के घाटों को दुरुस्त करने में पूजा करने वाले लोग लगे रहे।
शहर के सटे महावीर घाट स्थिति छठ घाट पर हर साल नगर के विभिन्न मोहल्लों की व्रती महिलाएं छठ करने के लिए जातीं हैं। छठ घाट से कुछ ही दूरी पर शनिचरी मंदिर से लेकर पुल तक मार्ग पूरी तरह से जर्जर हालत में है। जिसे अब नगर पालिका प्रशासन ने दुरुस्त नहीं कराया है।
इस मार्ग से होकर सैकड़ों व्रती महिलाएं छठ के दिन घाट तक जाती है। नाले से पहले सड़क पर डाले गए टुकड़े अब भी लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रहा है। जहां गंगा घाट एवं सरोवर तटों की साफ-सफाई में युवा वर्ग लगा हुआ है। वहीं नगर पालिका प्रशासन के कान पर इसको लेकर जूं तक नहीं रेंग रहा है।
नगर के टाउन हाल बापू भवन एवं रामलीला मैदान में भी छठ लगता है। जहां पर हजारों की संख्या में छठ के दिन व्रती महिलाएं आती है। इसके मद्देनजर कुंड को तैयार करने में आसपास के लोग लगे हुए है। महावीर घाट जाने के लिए बने मार्ग को अगर दुरुस्त नहीं किया गया तो लोग चुटहिल हो सकते है।