जिले के अलग-अलग प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त सात सहायक शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त शिक्षकों के विरुद्ध फर्जी व कूटरचित प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति पाने का आरोप लगाया गया है। इस प्रकरण में बीएसए ने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राकेश सिंह ने पुलिस अधीक्षक को लिखे गए पत्र में सात शिक्षकों के नौकरी समाप्त करते हुए उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इन शिक्षकों ने फर्जी व कूटरचित प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में गलत तरीके से नियुक्ति पाई।
बीएसए ने पुलिस अधीक्षक से इस मामले में अपेक्षित सहयोग मांगा है। बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने सात शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश गुरुवार को जारी करते हुए शिक्षा क्षेत्र रसडा, बेलहरी, नवानगर, गड़वार, सीयर एवं मनियर के खण्ड शिक्षाधिकारियों से संबंधित शिक्षकों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराकर उसकी प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
बीएसए ने उक्त खंड शिक्षाधिकारियों से पूछा है कि इन्हें चार माह पहले ही बर्खास्त किया गया था, बावजूद इसके अभी तक मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया गया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग में कूटरचित प्रमाण-पत्रों के आधार पर आजमगढ़ के बांसगाव थाना के फुलाईच खजुरा प्रसून राय व श्रीमती उमा माधवी देवी पुत्री भैरव नाथ, आगरा निवासी-मकान नम्बर 37/318 नगलापदी, गौरव श्रीवास्तव व उसकी बहन सृष्टि श्रीवास्तव, अरूण कुमार दूबे निवासी-ठकुरामनपुर, थाना-सराय लखंसी, प्रियंका पाण्डेय निवासी व शैलेन्द्र चौधरी निवासी-सेदपुरा, पोस्ट-इब्राहिमपट्टी-बलिया ने बतौर शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई थी।
विभाग ने जब प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया तब इनकी पोल खुली, लिहाजा 06 अगस्त 2015 को बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने सभी को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उस समय बीएसए ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश भी खंड शिक्षाधिकारियों को दिया था, लेकिन किसी ने उस पर पहल नहीं किया। गुरुवार को बीएसए ने खण्ड शिक्षाधिकारियों से मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश देते हुए, अब तक मुकदमा दर्ज न कराये जाने का औचित्य भी पूछा है।
वित्तीय अनियमितता में दो हेडमास्टर निलंबित
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डा. राकेश सिंह ने वित्तीय अनियमितता करने वाले व समय से स्कूल न जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसकी शुरूआत गुरुवार को दो प्रधानाध्यापकों को सस्पेंड करने के साथ हुई।
बीएसए ने बताया कि मुरलीछपरा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पकडीतर पर तैनात प्रधानाध्यापक रामध्यान राम व प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणछपरा पूर्वी के प्रधानाध्यापक धर्मशील पांडेय पर शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता का आरोप है। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में ये दोनों अध्यापक अनुपस्थित मिले थे।
इसके बाद इन्हें चेतने का अल्टीमेटम भी दिया गया था, लेकिन ये आदेश की लगातार अवहेलना करते रहे। विद्यालय भवन की रंगई-पुताई भी अब तक नहीं कराई गई। लिहाजा दोनों प्रधानाध्यापकों को निलंबित किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक में बीएसए ने कड़ा रवैया अपनाते हुए कहा कि समय से स्कूल न आने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने में परहेज न करें।