बलिया। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेतर राजस्व, राजस्व वादों और विरासत मामलों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अविवादित विरासत के मामलों का निपटारा जल्द करने के निर्देश दिए।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि 45 दिन से अधिक समय से लंबित अविवादित विरासत मामलों का अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए। 17 सितंबर 2025 से पूर्व के सभी अविवादित विरासत के मामलों का निपटारा हर हाल में होना चाहिए। धारा 34 के तहत 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान नाराजगी जताई और तहसील सिकंदरपुर में 40 एवं तहसील बांसडीह में 21 अविवादित केस लंबित पाए गए। इस पर संबंधित एसडीएम को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इन सभी मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए। तहसील रसड़ा में 3 वर्ष से अधिक पुराने 8 वादों के लंबित रहने पर भी उन्होंने कहा कि इनका निपटारा 15 अक्तूबर तक हो जाना चाहिए।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि आरसीसी पोर्टल की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए। कितनी फाइलें उपलब्ध हैं, कितनी गायब हैं और किसने गायब की है, इसकी जांच कराई जाए और दोषी कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट में तैनात कर्मचारियों की विशेष निगरानी की जाए और संदेह होने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही आरसीसी पोर्टल पर 2023 से अब तक के वादों में कितने खारिज हुए, कितने कोर्ट में विचाराधीन हैं, उसकी 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और न्यायिक कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की नामवार सूची उपलब्ध कराई जाए। निर्देश दिए कि कोर्ट में अनावश्यक फाइल न रखी जाए। 3 दिन के भीतर नकल प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताई। बैरिया तहसील में 7, बेल्थरारोड 11, बलिया सदर में 20, बांसडीह में 12, रसड़ा में 05 एवं सिकंदरपुर 01 में आवेदन लंबित हैं। इनको निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीआरओ त्रिभुवन, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।