फर्रुखाबाद जेल में हुई घटना के बाद जिला जेल के अंदर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और अधिकारी व कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट रहे। जिला जेल में भी छह साल पहले कैदियों ने तत्कालीन डिप्टी जेलर पर हमला बोल दिया था। जेल डीआईजी ने इस मामले को लेकर डिप्टी जेलर समेत कई जेलकर्मियों का स्थानांतरण भी कर दिया था।
फर्रुखाबाद के जिला जेल में घटना की सूचना सामने आते ही जिले के अधिकारी भी हरकत में आ गए। जेल के अधीक्षक, जेलर समेत सभी बंदी रक्षक भी अलर्ट हो गए और परिसर के आसपास चक्रमण करते रहे। अंदर भी बंदी रक्षक पूरी तरह अलर्ट रहे और कैदियों पर भी नजर रखने लगे। आला अफसरों की ओर से भी सुरक्षा को लेकर मॉनीटरिंग की जाती रही।
जिला जेल में भी कई बार हल्के विवाद होते रहे हैं लेकिन करीब छह साल पहले जिला जेल में कैदियों ने हंगामा करते हुए तत्कालीन डिप्टी जेलर को बंधक बना लिया था और उन्हें मारपीट कर घायल भी कर दिया था। कैदियों ने आरोप लगाया था कि बिना सुविधा शुल्क लिए डिप्टी जेलर परिजनों को मुलाकात नहीं करने देते हैं और सुविधा शुल्क देने वालों को हर तरह की सुविधा मुहैया कराई जाती है।
कैदियों ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके इशारे पर कुछ बंदी रक्षक खास कैदियों को मोबाइल फोन से परिजनों से भी बात कराते हैं। खाना की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। हालांकि अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला किसी तरह शांत हुआ और इस मामले में डिप्टी जेलर की ओर से मुकदमा भी दर्ज कराया गया। मामले की जांच तत्कालीन डीआईजी जेल ने की और डिप्टी जेलर समेत आधा दर्जन बदी रक्षकों का स्थानांतरण भी किया था। इसके अलावा करीब डेढ़ साल पहले भी बंदी रक्षकों व डिप्टी जेलर के बीच मारपीट हुई थी। इसकी जांच डीआईजी जेल राजेन्द्र सिंह ने की और आधा दर्जन से अधिक बंदी रक्षकों का स्थानांतरण किया था।