बलिया। स्वास्थ्य विभाग में अभी स्टाफ नर्स की नियुक्ति की जांच चल ही रही कि फार्मासिस्टों की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आने से विभाग में खलबली मची है। शासन से मिली गोपनीय जानकारी के बाद स्थानीय स्तर पर फर्जी तरीके से तैनात फार्मासिस्ट की तलाश तेज हो गई है। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ है। सीएचसी पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्टों की सूची बनाई जा रही है। फर्जी नियुक्ति मामले में बड़े रैकेट का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
जनपद के विभिन्न अस्पतालों में करीब 99 फार्मासिस्ट व 17 चीफ फार्मासिस्ट तैनात हैं। दो दिन पूर्व मुख्यालय से मिली एक गोपनीय जानकारी से विभाग में खलबली मची है। जिले में फर्जी तरीके से चार फार्मासिस्ट तैनाती की जानकारी और उनके नाम मिले हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने सभी अस्पतालों में तैनात व कुछ माह पूर्व स्थानांतरित व दूसरे जिलाें से आए फार्मासिस्टों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। सभी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारी सूची तैयार करने में लगे हैं। सूची में फार्मासिस्टों की पूर्व जिलों की तैनाती की पूरी जानकारी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो फार्मासिस्ट की फर्जी नियुक्ति में बड़े गिरोह की आशंका हैए जिनकी पहुंच मुख्यालय से लगायत जिला स्तर के बाबुओं तक है। ये लोग फर्जी तरीके से नियुक्ति देने के कुछ माह बाद फार्मासिस्ट का दूसरे जिला स्थानांतरण करवा देते हैं। इसके बदले में अच्छा पैसा लेते हैं। गिरोह के लोग बीच-बीच में धनराशि वसूलते रहते हैं। पूर्वाचल के सात9आठ जिले में इस तरह की फर्जी नियुक्ति के मामले चल रहे हैं। इस बाबत सीएमओ विजयपति द्विवेदी ने कहा कि एक सूची मिली है, जिसमें कुछ लोगों के नाम है, जिनकी नियुक्ति फर्जी तरीके से की गई, उनकी जांच की जा रही है। पुष्टि होने के बाद विभाग में फर्जी नियुक्ति बांटने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ होगा।