फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम और अधिवक्ताओं ने मुकदमों की सुनवाई पर किया विचार-विमर्श

विज्ञापन
विज्ञापन
बैरिया। बार व बेंच में बेहतर तालमेल व गलतफहमियों को दूर करने के उद्देश्य से शनिवार को उपजिलाधिकारी प्रशांत कुमार नायक के साथ अधिवक्ताओं की बैठक तहसील के सभागार में हुई।
विज्ञापन

बैठक में राजस्व संबंधी मुकदमों को बेहतर तरीके से निपटाने सहित कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान यह तय हुआ कि त्वरित निस्तारण के लिए योजनाबद्ध तरीके से न्यायालयों का कामकाज संचालित होगा। कुछ अधिवक्ताओं ने मुकदमों की सुनवाई के लिए कंप्यूटर से लिस्ट बनाने पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं की तरफ उपजिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। अधिवक्ताओं ने कहा कि मुकदमों के वरिष्ठता व कार्यवाही की गंभीरता को कंप्यूटर नहीं पकड़ता और सैकड़ों मुकदमों का लिस्ट एक बार ही बना देता है। परिणाम स्वरूप पुराने मुकदमे पेंडिंग पड़ जा रहे हैं और नए मुकदमों में औपचारिकता पूरी नहीं होने के कारण सारी कार्यवाही नहीं हो पाती है। इसपर उप जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि मुकदमों की फाइल पर अधिवक्ता अपना सीओपी नंबर भी लिखें। किंतु इस पर सहमति नहीं बन पाई। जिसके कारण इस पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी बार एसोसिएशन को ही दे दी गई। उप जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की मंशा के अनुसार वरिष्ठतम मुकदमों को सबसे ऊपर रखने तथा बहस व फैसले वाले मुकदमों की सुनवाई पहले करने के लिए पेशकार से उसे पहले प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बैठक में उपजिलाधिकारी प्रशांत कुमार नायक के अलावा तहसील बार अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, अजीत सिंह, बसंत पांडेय, रुद्रदेव कुंवर, देवेंद्र मिश्र, अभय भारती, रामप्रकाश सिंह, अशोक वर्मा, अजय कुमार सिंह, संतोष पांडेय आदि अधिवक्ता रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें