बैरिया। गोपालनगर टाड़ी के 72 और शिवाल मठिया के 20 सहित कुल 92 परिवारों के मकान जुलाई से अब तक सरयू नदी की लहरों में समा चुके हैं। अपनी आंखों के सामने अपना आशियाना उजड़ते देख लोग छाती पीट रहे हैं। कटान पीड़ितों को बसाने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्यवाही शुरू नहीं की गई है। ऐसे में गृह अनुदान मिलने के बाद भी वो अपना आळियाना कैसे बसाएंगे यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
सरयू नदी की तेज लहरों ने टाड़ी गांव में वर्ष 2022 में कटान शुरू किया था। उस समय 125 परिवार बेघर हुए थे। कटान 2023 में भी जारी रहा 85 से अधिक परिवारों के मकान नदी में समाहित हो गए। 2024 में टाड़ी व शिवाल में 92 परिवारों का आशियाना नदी में समा चुका है। कटान पीड़ितों के अनुसार शुक्रवार की देर रात भी 20 मिनट तक सरयू नदी की लहरों ने कटान किया। कई एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समाहित होने के साथ ही रामप्रवेश यादव के झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है। दर्जनों लोगों का मकान कटने के कगार पर है। नदी किनारे बसे कुछ लोग अपना घर छोड़ दूसरी जगह आशियाना बनाने की तलाश में जुटे हैं तो कुछ लोग अपना घर-द्वार हटा रहे हैं। लोगों में दहशत का माहौल में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी कब हमारे घरों को अपनी आगोश में ले लेगी, यह कहना मुश्किल है। जिस तरह से कटान हो रहा है, ऐसे में सुरक्षित रहना मुश्किल हो गया है। इस डर से स्थानीय कुछ घर-परिवार की महिलाएं व बच्चे अपने घर के बचे भाग व सामान को हटाने में जुटे हैं।