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सरयू का जलस्तर हुआ स्थिर, तटवर्ती इलाके के लोगों ने राहत की सांस

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बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने के बाद रविवार को नदी की प्रकृति में स्थिरता आ गई। जलस्तर स्थिर हो जाने के बाद बाढ़ की संभावना फिलहाल रुक गई है। इससे तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 63.76 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 25 सेंटीमीटर नीचे है।
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खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे आने के बाद सरयू जलस्तर स्थिर हो गया। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में कमी से बाढ़ की संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन नदी की प्रकृति में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर लोग सशंकित हैं। जलस्तर में कमी के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रहा है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट- कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। इसको लेकर तटवर्ती गांवों के लोग परेशान हैं। उधर, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। एसडीएम राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी है।
बताया जाता है कि नदी के उस पार देवरिया जिले में बने कटानरोधी ठोकरों से टकराने के बाद सरयू नदी की धारा सीधे मुड़ते हुए इस पार बलिया जिले के तटवर्ती क्षेत्र में पहुंचती है। जिससे कटान की स्थिति उत्पन्न हो रही है। हालांकि तटवर्ती क्षेत्र चैनपुर, गुलौरा, टंगुनिया के आसपास कुछ ठोकर बनाए गए हैं, लेकिन पर्याप्त नहीं है। जबकि तटवर्ती क्षेत्रों में कई स्थानों पर ठोकर निर्माण की जरूरत है। पिछले एक दशक के दौरान हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है। ठोकर निर्माण कर कटान रोकने कीथ स्थाई व्यवस्था नहीं की गई तो डेंजर जोन में बसे कई गांवों के अस्तित्व पर ग्रहण लग सकता है।
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प्रति घंटे दो सेमी बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
रामगढ़। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर रविवार को दोपहर 12 बजे 52.340 मीटर दर्ज की गई। साथ ही प्रति घंटा दो सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।
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