बैरिया। उत्तरी दियरांचल के गोपालनगर टाड़ी बस्ती में बृहस्पतिवार को सरयू नदी का तेवर कुछ नरम दिखाया तो शुक्रवार को टाड़ी से एक किमी दक्षिण-पूरब में शिवाल मठिया से सटे अशोक यादव व बिहारी यादव के घर के सामने सरयू नदी की उत्पाती लहरों ने कटान शुरू कर दिया। एक दिन में 100 एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि नदी में समाहित हो गई।
कटान के सामने रहने वाले अशोक यादव और सुरेन्द्र यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार तक हमारे घर से कटान की दूरी 100 मीटर से अधिक था। शुक्रवार की भोर से ही जबरदस्त कटान होने के कारण अब हमारे घर से कटान की दूरी महज 50 मीटर रह गया है। वहीं, सटे गांव शिवाल मठिया निवासी बबन चौधरी, पारस चौधरी, उमेश चौधरी आदि ने बताया कि इस बस्ती में 50 परिवार निवास करते हैं।
अब हमलोगों के घर से कटान महज 100 मीटर की दूरी पर है। जिस तरह से कटान हो रहा है, बस्ती के नदी में समाहित होने में देर नहीं लगेगी। रफ्ता-रफ्ता कटान गोपालनगर टाड़ी बस्ती में होता रहा। कटान को देख गोपालनगर, वशिष्ठनगर, मानगढ़ और शिवाल मठिया के 25 हजार से अधिक की आबादी डरी-सहमी है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बड़ी परियोजना लागू कर कटान रोककर दीयरांचल को बचाने की गुहार लगाई है।
कटान के जद में आने वाले सभी ग्रामीणों से कहा गया है कि गोपालनगर प्राथमिक विद्यालय पर बाढ़ शरणालय बनवाया गया है। जाकर रह सकते हैं। कटान की जद में आने वाले लोग घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। पहले जान-माल की सुरक्षा करें। कटान रोकने के लिए बड़ी परियोजना की जरूरत है। जिलाधिकारी द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया