डीआईओएस कार्यालय में आयोजित शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के धरने को संबोधित करते शिक्षक एमएलसी चेतनारायण सिंह।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एवं शिक्षकेत्तर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में वेतन भुगतान को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर बुधवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। इस मौके पर वक्ताओं ने शिक्षा महकमे में किए जा रहे भ्रष्टाचार पर आक्रोश जताया। कहा कि निरीह शिक्षकों का ही बार-बार वेतन क्यों बाधित किया जाता है। इस मौके पर पहुंचे शिक्षक एमएलसी चेतनारायण सिंह ने भी आला अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाई। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि लेखाधिकारी के नियुक्ति के बावजूद भी वेतन बिलों पर हस्ताक्षर कराने का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। जिससे शिक्षकों एवं कर्मचारियों में आक्रोश पाया जाना स्वाभाविक है।
धरना सभा को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं वाराणसी शिक्षक संघ के सदस्य विधान परिषद के सदस्य चेतनारायण सिंह ने धरना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बलिया जनपद का दुर्भाग्य है कि यहां के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन के लिए धरना देना पड़ता है। कहा कि यदि वेतन भुगतान का कार्य 29 जनवरी तक नहीं होता तो 30 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया जाएगा। वहीं उप्र माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मुजतबा हुसैन ने कहा कि जिला प्रशासन से मांग किया गया कि वेतन भुगतान की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करें अन्यथा की स्थिति में बोर्ड परीक्षा में संचालन की जिम्मेदारी बलिया के शिक्षकों व कर्मचारियों की नहीं होगी। धरनास्थल पर पहुंचे मंडल अध्यक्ष डा. राकेश सिंह ने कहा कि आसपास के जनपदों में वेतन की कोई समस्या नहीं है।
लेकिन बलिया के साथियों को वेतन के लिए लड़ना पड़ता है। उन्होंने अध्यापकों को आश्वासन देते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो मंडल के अन्य जनपदों के साथी भी इस आंदोलन में पूरे जोश खरोश के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। धरनासभा पर पहुंचे बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन से स्थाई लेखा अधिकारी एवं जिला विद्यालय शिक्षक की तैनाती कर दी। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ राकेश सिंह ने बताया कि शीघ्र ही वेतन बिल पारित होने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष केपी सिंह, जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार तिवारी, राधेश्याम यादव, नरेंद्र शुक्ला, ओमप्रकाश सिंह, हृदय नारायण सिंह, जयंत सिंह, डॉ रमन सिंह, अनिल पांडेय रहे।