बलिया। जनपद के एक मात्र जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामविचार पांडेय को उनके आवास पर डॉ. फतेहचन्द बेचैन, भोजपुरी भूषण डॉ. नन्दजी नंदा और राकेश कुमार दुबे ने अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। दीर्घायु होने की मंगल कामना की। रामविचार पाण्डेय ने अपने सेनानी जीवन की अंग्रेजों के साथ लोहा लेने संबंधी संस्मरण सुनाकर देशभक्ति का जज्बा भर दिया। कवियों ने देशभक्ति कविता प्रस्तुत की।
डॉ. फतेह चन्द ने सुनाया कि देश की खातिर दी कुर्बानी उनको शीश झुकाते हैं, उनकी बदौलत ही हम यारों चैन की बंशी बजाते हैं, खुली सांस ले पाते हैं...। इसरो के वैज्ञानिकों की उपलब्धि पर सुनाया कि आप की मेहनत और काबिलियत ने असीम उपलब्धि पाई है इसलिए हे वैज्ञानिकों बारंबार शुभ कामना बधाई है...।
डॉ. नंदजी नंदा ने सुनाया कि बागी बलिया के संत सूरमा बालमन चंदन अइसन माटी गांव गली खोरी थाना के प्राण के हथेली ले के जहां के जवान जागल नमन बा उनकी जोश जवानी मरदाना के...। राकेश कुमार दूबे ने सुनाया कि सिर कटाते जवां सरजमीं के लिए, कुछ ऐसा समझिए हमीं के लिए, सरहदों पर देते हैं कुर्बानियां हम यहां लड़ रहे हैं जमीं के लिए...।