बैरिया। शहीद स्मारक परिसर में रविवार को आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न पार्टियों और संगठनों के लोगों ने 18 अगस्त 1942 को थाने पर तिरंगा फहराते समय पुलिस की गोलियों से शहीद हुए क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान लोगों ने क्रांतिकारियों की कुर्बानियों को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
शहीद स्मारक परिसर में आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए खत्म करने का भी वक्ताओं ने जिक्र किया। इस दौरान सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि देश की आजादी के बाद जब महात्मा गांधी से पूछा गया कि आजाद भारत कैसा होगा तो उन्होंने रामराज्य का जिक्र करते हुए कहा था कि आजाद भारत में दिन, दुखी, दरिद्र, अशिक्षित लोग नहीं होंगे, सभी गुणवान होंगे। यह तभी संभव होगा जब देश की जनता जागरूक होकर सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सहयोग करे। उन्होंने बैरिया के वीर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 1942 में इनके बलिदान से ही देश आजाद होने के पहले ही बलिया आजाद हो गया। हमें क्रांतिकारियों की शहादत को याद रखना चाहिए। कहा कि परिवार टूटने से देश कमजोर होता है हमें परिवार टूटने से बचाने के लिए संकल्पित होना चाहिए।
बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा शहीद दिवस एक पर्व की तरह मनाया जाए। इस पर्व को हर जाति, हर समाज व हर राजनैतिक पार्टी के लोग एक साथ मिलकर हर्षोल्लास के साथ मनाएं। कहा कि मैंने बैरिया विधान सभा में जो विकास कार्य कराए हैं उसमें पूरी पारदर्शिता बरती गई है। बैरिया-सुरेमनपुर मार्ग किसी एनएच से भी अच्छी बनी है। कहा, जनहित के कार्य में रोड़ा अटकाने वाले किसी भी अधिकारी को नहीं बख्शा जाएगा। अगर वे संविधान को नहीं मानेंगे तो संविधान भी हाथ में लिया जाएगा। कहा राजा का धर्म शिक्षा, चिकित्सा व सुरक्षा की व्यवस्था होती है लेकिन आज भी लोगों को यह नसीब नहीं हो रहा है। जब तक मैं विधायक हूं किसी के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा।
पूर्व विधायक सुभाष यादव ने कहा कि शहीदों के सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामाकांत पांडेय, शिवप्रताप ओझा, हरिकंचन सिंह, मुखदेव पाठक, रामाकांत पाण्डेय, सुधांशू तिवारी, दिग्विजय सिंह, ददन भारती, विजय बहादुर सिंह, प्रभात सिंह, संतोष सिंह, मंटू बिंद, राधेश्याम यादव, उमेश यादव, निर्भय सिंह गहलौत, अयोध्या प्रसाद हिंद, गुप्तेश्वर पाठक आदि ने संबोधित किया।अध्यक्षता नंदजी यादव संचालन प्रेमशंकर मिश्र ने किया। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मंटन वर्मा ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व सुबह बैरिया एसएचओ संजय कुमार त्रिपाठी ने परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शहीदों की पूजा की और पुष्प अर्पित किया। द्वाबा चिल्ड्रेन स्कूल रानीगंज के छात्र-छात्राओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामविचार पांडेय के नेतृत्व में सेनानियों के उत्तराधिकारी शिवकुमार कौशिकेय समेत कई उत्तराधिकारियों ने शहीदों को पुष्पांजलि दी। नगर पंचायत अध्यक्ष शान्ति देवी, मंटन वर्मा, अधिशासी अधिकारी आशुतोष ओझा, छात्रों, पूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह के साथ पूर्व सैनिकों, छात्रनेताओं व समाजसेवियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त, विधायक सुरेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य भी रहे। लोक गायक संजय शिवम ने देशभक्ति गीत सुनाए।
विधायक के आग्रह पर मंच पर आए सपा नेता : बैरिया। शहीद स्मारक परिसर में सर्वदलीय मंच पर सभी दलों के लोगों की मौजूदगी की परंपरा रही है। दो वर्ष पूर्व सर्वदलीय मंच पर भाजपा का झंडा लगाने से नाराज सपा नेताओं ने सर्वदलीय मंच का बहिष्कार किया था। इस वर्ष मंच पर भाजपा ने अपना झंडा नहीं लगाया था। इसके बाद सपाइयों का बहिष्कार जारी रहा। सपा के पूर्व विधायक सनातन पांडेय, जयप्रकाश अंचल, अजय सिंह, जयप्रकाश मुन्ना, सुनील पांडेय, शेखर यादव शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद चले गए। जानकारी होने पर बैरिया विद्यायक सुरेंद्र सिंह ने मंच से आग्रह किया कि तीन वर्ष पहले भूल हो गई थी लेकिन अब सुधार हो गया है। मंच सभी का है। अगर आप सुन रहे हैं तो मंच पर आएं लेकिन उक्त सपा नेता वापस चले गए थे। हालांकि बैरिया विधायक के आग्रह पर सपा के पूर्व विधायक सुभाष यादव ने मंच साझा किया।
शहीद के परिजनों ने अर्पित की श्रद्धांजलि : दयाछपरा। बैरिया स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में 18 अगस्त 1942 क्रांति के शहीद हुए गदाधर पांडेय के पौत्र दुर्गा शंकर पांडेय और प्रपौत्र कन्हैया पांडेय ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे चले गए। उधर, मंच पर कार्यक्रम चलता रहा।
क्रांतिकारियों की शहादत पर है गर्व : जयप्रकाश नगर। स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों ने आजाद भारत के जो सपने सजोए थे, वे पूरे नहीं हो पाए हैं। नैतिकता का हनन हुआ है। भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर शर्मिंदा होना पड़ता है। ये बातें 102 वर्षीय अवध विहारी पांडेय ने कही। उन्होंने कहा कि जब उन वीर सपूतों को याद करते हैं तो आजादी की तमाम तस्वीरें हमारी आंखों के सामने से गुजरने लगती हैं। क्रांतिकारियों की शहादत पर गर्व है लेकिन वर्तमान हालात को देख ऐसा भी लगता है कि हम अभी भी पूरी तरह आजाद नहीं हैं। इसी प्रकार द्वाबा स्वच्छता अभियान के नेतृत्वकर्ता दुर्गविजय सिंह झलन, छात्रनेता मैनेजर सिंह, सभासद विनीत सिंह, प्रवीण सिंह, मनोज ओझा, कुंवर रणजीत सिंह, हरि जी सिंह, प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव, शामू ठाकुर कहा कि शहीदों के वीरता की गाथा सुन हर किसी को उनपर गर्व होता है।
इन क्रांतिकारियों ने दी थी शहादत : जयप्रकाशनगर। 18 अगस्त 1942 को बैरिया थाने पर तिरंगा फरहाते समय शहीद हुए क्रांतिकारियों की शहादत पर जिले के लोगों को गर्व है। शहीद होने वालों में गोन्हिया छपरा निवासी निर्भय कुमार सिंह, देवबसन कोइरी, विशुनपुरा निवासी नरसिंह राय, तिवारी के मिल्की निवासी रामजनम गोंड, चांदपुर निवासी रामप्रसाद उपाध्याय, टोलागुदरीराय निवासी मैनेजर सिंह, सोनबरसा निवासी रामदेव कुम्हार, बैरिया निवासी रामबृक्ष राय, रामनगीना सोनार, छठू कमकर, देवकी सोनार, शुभनथही निवासी धर्मदेव मिश्र, मुरारपट्टी निवासी श्रीराम तिवारी, बहुआरा निवासी मुक्तिनाथ तिवारी, श्रीपालपुर निवासी विक्रम सोनार, भगवानपुर निवासी भीम अहीर शामिल थे। जबकि दयाछपरा निवासी गदाधर नाथ पांडेय, मधुबनी निवासी गौरीशंकर राय, गंगापुर निवासी रामरेखा शर्मा सहित तीन लोगों की जेल यातना में मृत्यु हुई। इसके अलावा भी कितने क्रांतिकारियों को जेल की काल कोठरी में डाल दिया गया, जिसका नाम तक प्रकाश में नहीं आ सका। युवाओं का कहना है कि वे अपने पुरखों के माध्यम से द्वाबा में जंग-ए-आजादी का किस्सा सुनकर गौरवान्वित हो उठते हैं।