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कलेक्ट्रेट पर धमके ग्रामीण चिकित्सक

Thu, 23 Jul 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
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जिले भर के ग्रामीण चिकित्सकों ने अपनी मांगों के समर्थन में गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर का भ्रमण किया। इसके बाद राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी को सौंपा। अन्य प्रांतों की भांति प्रशिक्षण देकर कार्य की अनुमति देने की मांग की। साथ ही कहा कि उन्हें सरकार और मीडिया की ओर से झोलाछाप न कहा जाए।
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इसके बाद कलेक्ट्रेट में ही बैठक की। इसमें ग्रामीण चिकित्सक संघ के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा मुहैया कराने के लिए अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों का अभाव है। जहां ग्रामीण चिकित्सक ही गांव के गरीबों को मौत से बचाने के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में देश के कई प्रांतों इन ग्रामीण चिकित्सकों को एक वर्षीय कोर्स कराकर गांव में चिकित्सकीय कार्य करने के लिए सर्टिफिकेट दिया गया।

जहां ग्रामीण चिकित्सक अपने-अपने इलाके में चिकित्सा मित्र के रूप में काम कर रहे हैं। ग्रामीण चिकित्सकों को गांवों में चिकित्सकीय कार्य करने दिया जाए। ग्रामीण चिकित्सकों को सरकार और मीडिया की ओर झोलाछाप न कहा जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशानुसार सभी ग्रामीण चिकित्सक खसरा का टीका, डाट्स प्रोवाइडर, रेड रीबन एक्सप्रेस आदि कार्यों में सरकार का सहयोग करते हैं।
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उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया है। फिर भी ग्रामीण चिकित्सकों की उपेक्षा की जाती है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीय संगठन (एनआईओएस) ने गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और बिहार में ग्रामीण चिकित्सकों को एक वर्षीय ट्रेनिंग देकर उन्हें गांवों में ग्रामीण चिकित्सक के रूप में तैनात किया जा रहा है। इसी तर्ज पर प्रदेश में भी व्यवस्था बनाकर ग्रामीण इलाकों में उपचार के लिए उन्हें अर्ह बनाया जाए। इस मौके पर राजेश्वर तिवारी, चंद्रदीप, प्यारे मोहन वर्मा, उमेश सिंह, छोटेलाल यादव, कामेश शर्मा, पीके विश्वास, खुर्शीद अहमद, डीके ठाकुर, मुंशी लाल यादव, इंद्रदेव राम, शिवकुमार यादव, सूर्य कुमार , संदीप कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
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