बलिया। नगर पालिका में स्वच्छता भारत मिशन के करीब 2.40 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन का किया है। यह तीन सदस्यीय कमेटी एसबीएम (स्वच्छ भारत मिशन) के 2.40 करोड़ रुपये की जांच करेगी
कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट इंद्रकांत द्विवेदी, उपजिला मजिस्ट्रेट सदर आत्रेय मिश्रा और वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दूबे को शामिल किया गया है। डीएम ने मामले की जांच कर टीम से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने अपने आदेश में डीएम ने उल्लेख किया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2022-23 में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मद से नगर पालिका को निदेशालय से 05 अक्तूबर 2019 व 24 जून 2022 में क्रमशः एक करोड़ 89 लाख 76 हजार और 50 लाख 31 हजार यानि कुल धनराशि दो करोड़ 40 लाख सात हजार रुपया प्राप्त हुए थे।
इस संबंध में नपा के अधिशासी अधिकारी ने बीते 30 सितंबर को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि प्राप्त धनराशि से वाहन एवं अन्य सामग्री क्रय नहीं की गई। पत्र में अधिशासी अधिकारी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया। जिसके जांच के लिए समिति गठित की गई है। उधर, नगर पालिका के सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2019 में मिली धनराशि से दो कांपैक्टर और अन्य वाहनों की खरीद होनी थी, जो नहीं की गई। इसके अलावा वर्ष 2022 में एसबीएम के तहत मिली धनराशि से सफाई कर्मियों के लिए पीपीई किट, मैजिक ट्रक और हाथठेलियां की खरीद होनी थी। लेकिन उसे भी नहीं खरीदा गया।
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जिलाधिकारी कार्यालय से पत्र आया है तो मामले की जांच की जाएगी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की जाएगी। -इंद्रकांत द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट, बलिया।