आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 16 सूत्रीय मांगों को पूरा न किए जाने से वे नाराज हो गईं। बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए डीपीओ दफ्तर पर ताला जड़ दिया और डीपीओ को घेर लीं। उन्हें वाहन से उतरने तक नहीं दिया। इसके बाद डीएम दफ्तर पहुंची और धरने पर बैठ गईं। डीएम को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
धरना को संबोधित करते हुए महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के जिला संरक्षक देवेंद्र नाथ यादव ने कहा कि जिलापूर्ति अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बार-बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
बल्कि डीपीओ और सीडीपीओ मिलकर घोटाले पर घोटाले करने में व्यस्त हैं। कहा कि कार्यकर्ताओं के एनजीओ द्वारा दिए जा रहे हाट कुक्ड लेने से मना करने के बाद भी डीपीओ और सीडीपीओ फर्जी दस्तखत कराकर एनजीओ को करोड़ों का भुगतान करा दिया गया। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के किसी भी भुगतान के लिए खुलेआम कमीशन की मांग की जाती है।
मना करने पर जांच कराकर निलंबित कराने की धमकी दी जाती है। यादव ने जिले में तैनात सभी सीडीपीओ का स्थानांतरण अन्य ब्लाक में कराकर जांच की मांग की। जिलाध्यक्ष उर्मिला यादव ने सभी कार्यकर्ताओं से पोषाहार का उठान बंद करने की अपील की। कहा कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में आठ जून से जिला कार्यालय पर अनवरत धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
फिर भी प्रशासन नहीं चेतता है तो जनपद बंद भी कराया जाएगा। इस मौके पर संत सिंह, चौधरी आनंद, सचिव संतोष सिंह, संतोष तिवारी, उपेंद्र सिंह, विमला ठाकुर, राजेश्वरी सिंह, विमला पांडेय, कमरूनिशा, पुनम पांडेय, लक्ष्मी, इंदू सिंह, नीलम वर्मा, संजू सिंह, शिवकुमारी देवी, ध्रुवतारा सिंह, राजकुमारी, लालसा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।