जमीन के पैमाइश के लिए रिश्वत लेने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने आरोपित राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया है।
बैरिया के उपजिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने वीडियो वायरल होने के बाद राजस्व निरीक्षक को क्षेत्र से हटाकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। तहसीलदार शैलेश चौधरी को मामले की जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश यादव को सोमवार को जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि निलंबन के बाद भी उनके खिलाफ दूसरी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। खरिका निवासी एक किसान से जमीन के पैमाइश के लिए राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश यादव पर पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। किसान ने 4500 रुपये दिए थे, जिसका चुपके से वीडियो बना लिया गया। शेष 500 रुपये नहीं देने पर राजस्व निरीक्षक पैमाइश करने नहीं गया तो वीडियो को वायरल कर दिया गया।
राजस्व निरीक्षक के रिश्वत लेने का विडियो वायरल करने वाले परमानंद के डेरा (खरिका) निवासी कमलेश कुमार यादव के घर जाकर दबंगों ने गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उनसे बयान बदलने के लिए कहा गया। कमलेश यादव ने इस मामले में अपने ही गांव के अरुण यादव, ब्रजेश यादव, महेश यादव के खिलाफ रेवती थाने में तहरीर दी है। इस प्रकरण में तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की और शांति भंग के आरप में उपजिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में चालान कर दिया।